IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

BJP का आरोप- सोनिया ने की वंदे मातरम् रुकवाने की कोशिश; कांग्रेस बोली- खरगे के लिए मांग रही थीं कुर्सी

Published अगस्त 15, 2026 · Updated अगस्त 15, 2026 · By Jessica Wilson - indianewslive247.com

Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com

BJP-कांग्रेस में वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी पर आरोप

Indianewslive247.com – 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम गाया गया। इस दौरान कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया। भाजपा ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम रोकने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने स्पष्टीकरण दिया कि वे खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।

वीडियो वायरल हुआ, बहस छड़ी

भाजपा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया। इसमें मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तिरंगा फहराते हुए दिखाई दिए। पार्टी का दावा है कि वंदे मातरम गाने के दौरान सोनिया और राहुल गांधी असहज प्रतीत हुए।

यही कांग्रेस की पुरानी दुविधा है। गांधी परिवार को भारत की सांस्कृतिक चेतना, सभ्यतागत विरासत और राष्ट्रभाव के साथ आखिर इतनी असहजता क्यों है?

वंदे मातरम का ऐतिहासिक महत्व

1875 में बंकिम चंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम लिखा था। 1950 में संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। रविंद्रनाथ टैगोर ने 1896 में कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में इसे पहली बार गाया था। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद यह अंग्रेजों के खिलाफ विरोध का नारा बना।

शुरुआती दो छंदों में मातृभूमि की सुंदरता और हरियाली की स्तुति की गई है। बाद के छंदों में मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का जिक्र आता है। 1930 में धर्म आधारित राजनीति उभार पर वंदे मातरम का विरोध शुरू हुआ। कांग्रेस ने दो छंद गाने का फैसला किया।

कांग्रेस का खंडन

कांग्रेस ने भाजपा के आरोप को खारिज किया। महासचिव जयराम रमेश ने 1937 की कलकत्ता बैठक का हवाला दिया।

28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। गुरुदेव टैगोर की सलाह पर फैसला हुआ कि वंदे मातरम के शुरुआती छंद गाए जाएंगे। तब से हम हर अधिवेशन में उन पंक्तियों को गाते रहे हैं।

रमेश ने कहा कि इंदिरा भवन में पूरा संस्करण गाया गया। सोनिया गांधी लंबे समय से खड़ी थीं, इसलिए वे खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।

2026 के नए निर्देश

गृह मंत्रालय ने 2026 में राष्ट्रीय गीत के प्रोटोकॉल के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इनके तहत वंदे मातरम पहले गाया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रगान। जनवरी 2026 से पूरा छह छंद वाला गायन जरूरी है। इसकी अवधि 3 मिनट और 10 सेकेंड है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम कब गाया जाता है? 2026 के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम पहले गाया जाता है और उसके बाद राष्ट्रगान।

सोनिया गांधी पर क्या आरोप है? भाजपा का आरोप है कि वंदे मातरम गाने के दौरान सोनिया गांधी असहज हुईं और गीत रोकने का संकेत दिया।

कांग्रेस का क्या स्पष्टीकरण है? कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, गीत रोकने की कोशिश नहीं कर रही थीं।

वंदे मातरम के कितने छंद गाए जाते हैं? 1937 के फैसले के अनुसार दो छंद गाए जाते थे, लेकिन 2026 के निर्देशों के अनुसार पूरे छह छंद गाए जाने चाहिए।

Related Reading

Frequently Asked Questions

What is BJP क आर प स न य?

BJP क आर प स न य is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does BJP क आर प स न य matter?

BJP क आर प स न य matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.