Ayatollah Khamenei Funeral: आज ईरान रवाना होंगे मंत्री मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल हसनैन, MEA ने की पुष्टि
ईरान के अंतिम संस्कार में भारत के प्रतिनिधित्व की पुष्टि
Ayatollah Khamenei Funeral - मंत्रिमंडल ने बुधवार को आधिकारिक घोषणा की है कि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश मंत्री पबित्र मार्गेरिटा 3 जुलाई को ईरान के दौरे पर रवाना होंगे। यह दोनों नेता ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में अंतिम संस्कार के लिए दो दिनों तक व्यापक आयोजन चलेंगे। इसमें सार्वजनिक विदाई, जनाजा की नमाज और शोक जुलूस के कार्यक्रम शामिल हैं। तेहरान कमांड के ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को आयोजित किए जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने बयान में कहा कि यह भारत और ईरान के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है और उच्च स्तरीय दूतावाद का एक उदाहरण है।
अयातुल्ला खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में हुई थी। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई अब ईरान के नए सर्वोच्च नेता नियुक्त किए गए हैं। भारत का यह दौरा यह दुख के समय में ईरान के साथ एकजुटता दिखाने की एक कोशिश है।
आयोजन के लिए लोगों की भीड़ एवं सुरक्षा के आधार पर, जनाजे के लिए एक बड़ा कॉरिडोर चुना गया है। इसके दौरान पूरे इलाके में वाहन आवागमन पर रोक लगाई गई है ताकि लोग सुविधापूर्वक पैदल चल सकें। ईरान के अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से लेकर 2 करोड़ लोग शामिल होने की उम्मीद है।
तेहरान मेट्रो और बस सेवाओं को पूरी क्षमता से कार्य करने के लिए तैयार किया गया है। शहर में पांच विशेष सेवा केंद्र बनाए गए हैं। इन जगहों पर लोगों को पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता आदि प्राप्त करने का विनिमय किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुरान पाठक और धार्मिक कवि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान 4 जुलाई की सुबह नमाज पढ़ी जाएगी और रात आठ बजे तक आयोजन चलेगा। इस ऐतिहासिक समारोह के लिए देश के इतिहास में सबसे बड़ी सभाओं में से एक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस विवरण के अलावा, तेहरान कमांड ने शहर में जगह-जगह विशेष बुनियादी सुविधाएं व्यवस्थित कर ली हैं। विदेश मंत्रालय ने आगे बढ़ाई गई जानकारी के अनुसार, भारत और ईरान के लोगों के आपसी संबंध न केवल गहरे हैं बल्कि उनमें एक विशेष संस्क�