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Army: 20 हजार फीट की ऊंचाई पर अब ड्रोन पहुंचाएंगे हथियार और राशन? सेना करने जा रही सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स डील

Published अगस्त 7, 2026 · Updated अगस्त 7, 2026 · By David Miller - indianewslive247.com

Foto : David Miller - indianewslive247.com

Army ड्रोन डील: 20,000 फीट पर हथियार और राशन की डिलीवरी

Indianewslive247.com – Army - चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर स्थित कठिन इलाकों में तैनात सैनिकों को मिलने वाले सामान की व्यवस्था अब बदलने वाली है। रक्षा मंत्रालय ने 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है। इस नई पहल से सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचे इलाकों में जवानों तक राशन, हथियार और दवाइयां पहले से ज्यादा जल्दी पहुंचेंगी। युद्ध की स्थिति में गोला-बारूद और अन्य उपकरण भी कम समय में मोर्चे तक पहुँचाए जा सकेंगे।

तीन ऊंचाई श्रेणियों में Army ड्रोन की खरीद

भारतीय Army ने लॉजिस्टिक्स ड्रोन के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी कर दिया है। इस योजना के तहत तीन अलग-अलग श्रेणियों के ड्रोन खरीदे जाएंगे, जो विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में काम कर सकेंगे। इनमें वे ड्रोन शामिल हैं जो 6,000 फीट तक, 6,000 से 12,000 फीट तक और 12,000 से 20,000 फीट तक उड़ान भर सकते हैं।

सबसे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले ड्रोन को 19,000 फीट की ऊंचाई से टेकऑफ करने की क्षमता होनी चाहिए। साथ ही, यह ड्रोन माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से लेकर 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी सही ढंग से काम कर सकेगा।

आधुनिक तकनीक से लैस होंगे Army ड्रोन

हर ड्रोन 10 से 20 किलोमीटर की एकतरफा दूरी में हथियार, गोला-बारूद, राशन और अन्य जरूरी सामग्री ले जा सकेगा। इनमें जीपीएस, भारतीय नेविगेशन प्रणाली 'नैविक', बाधा पहचान सेंसर, डे-नाइट कैमरे और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद होंगी। इन्हें स्वायत्त, मैनुअल और 'रिटर्न-टू-होम' मोड में चलाया जा सकेगा।

भारतीय Army ने यह पहल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन के व्यापक इस्तेमाल से मिले अनुभवों के आधार पर शुरू की है।

ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों का लाभ

भारतीय Army ने यह पहल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन के व्यापक इस्तेमाल से मिले अनुभवों के आधार पर शुरू की है। सेना चाहती है कि नए ड्रोन एंटी-जैमिंग और एंटी-स्पूफिंग तकनीक से लैस हों, ताकि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी वे प्रभावी ढंग से अपना काम कर सकें।

सप्लाई चेन में आएगी मजबूती

लॉजिस्टिक्स ड्रोन Army के लिए कई मायनों में उपयोगी साबित हो सकते हैं। ये खतरनाक इलाकों में सैनिकों को जोखिम में डाले बिना जरूरी सामान तेजी से पहुंचाने में सक्षम होंगे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और युद्ध क्षेत्र में, जहां पारंपरिक वाहन नहीं पहुंच पाते, वहां भी ये आसानी से पहुंच बना सकेंगे। इनके उपयोग से समय और लागत दोनों की बचत होगी, जबकि सैन्य अभियानों की दक्षता भी बढ़ेगी। रात के समय और खराब मौसम में भी ये ड्रोन प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे, जिससे Army की सप्लाई चेन पहले से अधिक सुरक्षित, मजबूत और तेज हो जाएगी।

Army ड्रोन डील से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Army कितने ड्रोन खरीदने वाली है? Army ने 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है, जो अलग-अलग ऊंचाई श्रेणियों में काम करेंगे।

ड्रोन कितनी ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं? ड्रोन तीन श्रेणियों में आते हैं: 6,000 फीट तक, 6,000-12,000 फीट और 12,000-20,000 फीट। सबसे ऊंचा ड्रोन 19,000 फीट से टेकऑफ कर सकता है।

ड्रोन कितना वजन ले जा सकते हैं? हर ड्रोन 10 से 20 किलोमीटर की दूरी में हथियार, गोला-बारूद, राशन और अन्य जरूरी सामग्री ले जा सकेगा।

ड्रोन कब तक तैनात किए जाएंगे? Army की यह बड़ी लॉजिस्टिक्स डील 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

ड्रोन किन इलाकों में काम करेंगे? सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और अन्य ऊंचे इलाकों में Army ड्रोन का उपयोग करेगी।

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Frequently Asked Questions

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