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Army Chief: ‘ऑपरेशन सिंदूर ने बताया भारत उकसावे का जवाब कैसे देता है’, पासिंग-आउट परेड में बोले सेना प्रमुख

Published मई 30, 2026 · Updated मई 30, 2026 · By David Miller

सेना प्रमुख ने पासिंग-आउट परेड में अपनी संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा साझा की

Army Chief - जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सेना प्रमुख, एनडीए के 150वें कोर्स के पासिंग-आउट परेड में मौजूद रहे और इस अवसर पर अपनी संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आज के दुनिया में खतरों के अवतरण आमतौर पर आगंतुक मोर्चे से नहीं बल्कि नई रूपरेखा के अंतर्गत होते हैं। इस दौरान उन्होंने जवाबी कार्यकर्ता के रूप में सेवा करने के लिए अपने सैनिक अधिकारियों के उत्साह के साथ नए अभियानों की तैयारी के महत्व को जोर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर के रूप में राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का उदाहरण

सेना प्रमुख द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने बताया कि भारत उकसावे के प्रति कैसे तेजी से जवाब देता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह अभियान रणनीतिक चिंतन और त्वरित प्रतिक्रिया के संयुक्त अभियान के महत्व को दर्शाता है, जो आज के ग्रे-जोन विवाद में भारत की संयुक्त सुरक्षा तैयारी के बारे में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। इस अभियान की समन्वित प्रतिक्रिया देश के सशस्त्र बलों के संयुक्त संचालन के आधार बन गई है।

“ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि जब राष्ट्र की इच्छाशक्ति निर्धारित तौर पर व्यक्त होती है, तो भारत अपने समाज और संस्कृति के भीतर एकीकृत रूप से आगे बढ़ता है।”

उन्होंने यह बताया कि ऑपरेशन सिंदूर एक उदाहरण बन गया है, जो भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य को पूरा करने के लिए तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान के महत्व को स्पष्ट करता है। इस अभियान के परिणाम के बारे में बताते हुए उन्होंने कैडेट्स को संदेश दिया कि वे अपनी नई भूमिका में अपने आगे जीवन में लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए तैयार रहें।

विदेशी कैडेट्स की भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का महत्व

सेना प्रमुख ने पासिंग-आउट परेड में शामिल होने वाले 24 विदेशी कैडेट्स के महत्व को भी उल्लेख किया, जो 12 मित्र देशों से आए थे। उन्होंने बताया कि इन कैडेट्स के माध्यम से भारत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा वातावरण के बारे में नए विचार ले जाता है। उन्होंने एनडीए के एकीकृत अभियानों के बारे में विस्तार से बताया और इसके प्रभाव के बारे में वर्णन किया।

सेना प्रमुख द्विवेदी ने उल्लेख किया कि ऑपरेशन सिंदूर के परिणाम से भारत ने अपने सशस्त्र बलों की ताकत और तेजी से अपनाए गए रणनीतिक निर्णयों को दिखाया। इस अभियान की सफलता ने भारत के भूतपूर्व विदेशी आक्रमणों के प्रति रोजगार के लिए एक संगठित दृष्टिकोण को दर्शाया है।

इस अवसर पर उन्होंने अपने बचपन के दिन से रखे गए अभियानों की तुलना की और कहा कि आज के सैनिक कार्यकर्ता किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार रहें। ऑपरेशन सिंदूर के उदाहरण ने भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य और अभियोग तक के विकास के बारे में एक नई नींव रखी है।