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‘हद से ज्यादा सख्ती’: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को लगाई फटकार, 5 लाख का मुआवजा देने का क्यों दिया आदेश?

Published अगस्त 18, 2026 · Updated अगस्त 18, 2026 · By Michael Martin - indianewslive247.com

Foto : Michael Martin - indianewslive247.com

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र FDA को लगाई फटकार: मिठाई की दुकान को 5 लाख रुपये का मुआवजा

Indianewslive247.com – हद स ज य द सख त - पुणे स्थित एक मिठाई की दुकान के मालिकों को न्याय मिला है। सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को आदेश दिया कि वह गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स के मालिकों को एक महीने के भीतर पाँच लाख रुपये का मुआवजा जमा करे। कोर्ट ने साथ ही दुकान को अपना व्यापार पुनः आरंभ करने की अनुमति भी प्रदान की।

कोर्ट की दलील: मंशा अच्छी, तरीका गलत

एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की पीठ ने रेगुलेटर के लाइसेंस सस्पेंशन आदेश को 'अजीब पॉलिसी' और गलत बताया। पीठ ने रेगुलेटर की नीयत को स्वीकार करते हुए भी इसकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया।

हमने देखा है कि आपकी नीयत अच्छी है और कोई विभाग कम से कम हरकत में तो आया। लेकिन आप जरूरत से ज्यादा सख्ती कर रहे हैं। जब आपको (री-इंस्पेक्शन रिपोर्ट में) 98 प्रतिशत नियमों का पालन होता दिखा, तो आपको तुरंत लाइसेंस का सस्पेंशन रद्द कर देना चाहिए था।

घटनाक्रम: शिकायत से लेकर न्यायालय तक

मामले की शुरुआत जून में हुई थी। फूड पॉइजनिंग की एक शिकायत के जवाब में FDA के एक फूड सेफ्टी ऑफिसर ने 12 जून को दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई और स्टाफ की हाइजीन को लेकर चिंता दर्ज की गई। उसी दिन विभाग ने लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।

दुकान के मालिकों ने तुरंत FDA कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की और नियमों के पालन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। 13 जुलाई को दोबारा निरीक्षण हुआ, जिसमें पाया गया कि दुकान 98 प्रतिशत नियमों का पालन कर रही है। फिर भी लाइसेंस बहाल नहीं किया गया। इसके बाद मालिकों ने सस्पेंशन ऑर्डर रद्द करने का आवेदन भी दिया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

याचिका में क्या था?

दुकान ने दावा किया कि जून में बंद होने के बाद उसे 8.74 लाख रुपये के रेवेन्यू का नुकसान झेलना पड़ा। इसी आधार पर उसने FDA की कार्रवाई को चुनौती दी।

FDA कमिश्नर का प्रतिक्रिया

एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वे जवाब देने से पहले कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेंगे।

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