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सिंधु जल संधि पर क्यों है भारत का सख्त रुख?: MEA की पाकिस्तान को दो टूक- आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करे

Published जुलाई 3, 2026 · Updated जुलाई 3, 2026 · By Patricia Gonzalez

सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख: पाकिस्तान को आतंकवाद बंद करे

स ध जल स ध पर क - भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के समर्थन के लिए आक्षेप किया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध बर्बादी को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के लिए निरंतर आग्रह करता है। जायसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पाकिस्तान अपना अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं कर देता, तब तक सिंधु जल संधि के विषय पर आगे बात नहीं हो सकेगी।

सिंधु जल संधि और आतंकवाद का संबंध

भारत ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयान में तीस्ता नदी परियोजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से दोनों देशों के बीच बर्बादी को बढ़ावा देने वाले सहयोग का संचालन जारी रहेगा। इस परियोजना के बारे में भारत ने बांग्लादेश के लिए जो स्पष्ट रूप से अपनी राय जता चुका है, उस पर कोई बदलाव नहीं होगा। अफगानिस्तान के लिए चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रम के बारे में भी जायसवाल ने जानकारी दी।

"हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपना समर्थन दोहराते रहेंगे।" - रणधीर जायसवाल

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद के कारण अफगानिस्तान में आम नागरिकों के जीवन खतरे में पहुंच गए। भारत ने इन घटनाओं के लिए अपनी भावुकता व्यक्त की है और निरंतर सहायता प्रदान करता रहेगा।

पाकिस्तान के आतंकवाद और सिंधु जल संधि पर प्रतिक्रिया

सिंधु जल संधि पर भारत का दृढ़ रुख पाकिस्तान के आतंकवाद के बढ़ते दबाव के कारण उत्पन्न हुआ है। भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि वे आतंकवाद के समर्थन को बंद करे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के बढ़ते दबाव के कारण सिंधु जल संधि के विषय पर चर्चा के लिए पाकिस्तान की ओर से जब तक तकलीफ का समाधान नहीं होता, तब तक आगे बढ़ना संभव नहीं है।

सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख का अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रयास के रूप में अंतरराष्ट्रीय रूप से पहचान बनाने का महत्व है। भारत ने कहा कि यह संधि केवल पानी के संभाल के लिए ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा संघटित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए भी आवश्यक है। इस विषय पर भारत के रुख में पाकिस्तान के लिए तीव्र आक्षेप भी है।

सिंधु जल संधि के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच दोनों देशों के बीच एक बर्बादी द्वारा उठाए गए समस्याओं के समाधान के लिए सहमति बनी रहेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि के बारे में भारत ने अपनी चिंता जताई है। पाकिस्तान के आतंकवाद के कारण भारत इस संधि के विषय पर बर्बादी की ओर ध्यान आकर्षित करता है।

भारत ने वेनेजुएला में हुए घटना के बारे में भी ध्यान आकर्षित किया है। वहां आतंकवाद के कारण जहाज पर जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में वेनेजुएला के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा आज तेहरा�