राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026: छह गुना बढ़ेगा स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च, कई बड़ी बीमारियों पर फोकस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026: खर्च में छह गुना वृद्धि और रोगों पर ध्यान
र ष ट र य स व - राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 द्वारा देश भर में स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च में छह गुना वृद्धि की घोषणा की गई है। इस नीति के अंतर्गत कैंसर, टीबी, मधुमेह आदि बड़े रोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो देश के स्वास्थ्य चुनौतियों के मुख्य केंद्र हैं। इस योजना के तहत देश अपनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के लक्ष्यों के माध्यम से अपने लक्ष्यों को लगातार समीक्षा और अपडेट किया जाएगा।
अनुसंधान खर्च के नए लक्ष्य
अब तक देश जीडीपी के 0.024 फीसदी खर्च करता रहा है, लेकिन नीति के अनुसार इसे 2037 तक 0.072 फीसदी और 2047 तक 0.15 फीसदी तक बढ़ा कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश करने का निर्धारण किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के तहत शोध के परिणाम आईसीएमआर-आईआरआईएस नाम के नए मूल्यांकन ढांचे के तहत निर्धारित किए जाएंगे।
नई तकनीकों के विकास के लिए सहयोग
इस नीति के मुताबिक, स्टार्टअप, उद्योग और मेडिकल कॉलेजों के सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के तहत स्वदेशी दवाएं, वैक्सीन और डिजिटल हेल्थ डाटा के विकास को उत्सुकता से अपनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जीनोमिक्स आधारित शोध को आगे बढ़ाने के लिए एक समन्वित ढांचा प्रस्तुत करती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के तहत मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट के निर्माण के माध्यम से एक मजबूत रिसर्च नेटवर्क विकसित किया जाएगा। वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब को इन्फेक्टिव रोगों के लिए नए उपकरण तैयार करने का ध्यान रखा गया है।
रोग रजिस्ट्रियों और अपडेट की आवश्यकता
नीति में संक्रामक रोगों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय रोग रजिस्ट्रियों के विस्तार का भी विशेष उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के तहत आईसीएमआर-आईआरआईएस नाम के नए ढांचे के अंतर्गत शोध के नतीजे के आकलन के लिए एक नया मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है।
नीति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के अंतर्गत आने वाले कुछ वर्षों में अनुसंधान गतिविधियों को कैंसर, टीबी, मधुमेह, बुजुर्गों की बीमारियों आदि के लिए अधिक रूप से विशेष रूप से केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 के तहत एक राष्ट्रीय अनुसंधान एजेंडा तैयार करने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 द्वारा राज्यों के लिए अलग फंड बनाने और निवेश में वृद्धि की अपील की गई है। इस नीति के तहत अनुसंधान खर्च की नियमित समीक्षा होगी ताकि लक्ष्यों को लगातार अपडेट किया जा सके।