मुंबई की जानलेवा बारिश: कहीं गिरी चॉल, कहीं पेड़ तो कहीं ग्रिल; हादसों में आठ की मौत, बरसात ने बरपाया कहर
म बई क ज नल व: छह की मौत आठ की मौत
म बई क ज नल व बिना बरसात ने अपना कहर शुरू कर दिया। रविवार को दक्षिण मुंबई में 8 बजे से रात 10 बजे तक तेज बारिश के कारण छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। इस बीच, कुर्ला इलाके में एक दुकान पर गिरे पेड़ से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि गोरेगांव पूर्व में एक युवक की मौत पेड़ की शाखा से हुई।
म बई क ज नल व के बाद छह की मौत आठ की मौत
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार, रविवार को मंडाला इलाके में हनुमान मंदिर के पीछे जनता नगर स्थित चॉल नंबर-5 में तीन मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति बच गया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में एक अन्य शख्स के फंसे होने की आशंका है। उसे निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सहित कई एजेंसियों की टीम बचाव अभियान चला रही है।
नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के असिस्टेंट कमिश्नर सहदेव येडवे ने बताया, "रविवार शाम करीब 6:30 बजे दीवार के साथ लगी एक ग्रिल फुटपाथ पर गिर गई। वहां से गुजर रहे एक युवक की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई।" इस घटना में बचाव अभियान के दौरान आठ व्यक्तियों के मृत्यु घोषित कर दिए गए।
म बई क ज नल व के प्रभाव: दुकान पर गिरे पेड़ से मौत
दूसरी ओर, कुर्ला पश्चिम के नौपाड़ा इलाके में हिंदी बीएमसी स्कूल के पास एक दुकान पर गिरे पेड़ से 63 वर्षीय यूनुस कुंदावाला की मौत हो गई। उसे मलबे से निकालकर फौजिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत्यु घोषित कर दिया। इससे पहले 30 जून को चेंबूर में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई।
बीएमसी के अनुसार, आईएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान लगातार बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और म बई क ज नल व के आपदा अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट के तहत 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उसी अवधि के दौरान पेड़ या शाखाएं गिरने की 203 शिकायतें, शॉर्ट सर्किट की 8 घटनाएं और मकान या दीवार गिरने की 15 शिकायतें मिलीं।
रविवार की रात दक्षिण मुंबई में 51 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 72 मिमी और 71 मिमी वर्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि शाम के बाद म बई क ज नल व की तीव्रता बढ़ गई और कई इलाकों में तेज वर्षा हुई। खराब मौसम के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन एक घंटे के लिए रोक दिया गया।