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मानसून की दस्तक: भटके हुए बादलों ने मुंबई में की आफत की बारिश, कई इलाकों में हुआ जलभराव, IMD का ऑरेंज अलर्ट

Published जून 24, 2026 · Updated जून 24, 2026 · By Joseph Moore

मानसून की दस्तक: मुंबई में भारी बारिश और जलभराव के बाद बीएमसी के ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में बारिश के प्रभाव और जलभराव की रिपोर्ट

म नस न क दस तक - मानसून की दस्तक लगातार चल रही है, जिसके कारण मुंबई में जलभराव की घटनाएं बढ़ गई हैं। 23 जून को शहर में औसत बारिश के आंकड़े 56 मिमी दर्ज किए गए, जिसमें पूर्वी उपनगरों में 23 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 33 मिमी की रिकॉर्ड रहे। रात के 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे में बहुत तेज बरसात हुई, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के जमाव के आंकड़े सामने आए।

बीएमसी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गजधरबंध स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन पर 26 मिमी बारिश, सांताक्रूज के नारियलवाड़ी स्कूल में 21 मिमी और कांदिवली के चारकोप सेक्टर 1 म्युनिसिपल स्कूल में 32 मिमी दर्ज किए गए। इस बारिश के कारण अंधेरी सबवे के क्षेत्र में पानी के जमाव के बाद एवरार्ड नगर में आवागमन बाधित रहा।

मौसम विभाग के अलर्ट और बचाव के प्रयास

मौसम विभाग (IMD) ने सुबह चार बजे मुंबई और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था, जिसमें बिजली के आपदा और 40-60 किमी प्रति घंटा की हवा की चेतावनी दी गई। अलर्ट के बाद बीएमसी के अधिकारियों ने दिन-रात आपदा के बचाव में शामिल रहे।

“अंधेरी सबवे बंद रहा, लेकिन हम लोगों की सुरक्षा के लिए जुटे रहे।” बीएमसी के अधिकारी रॉबर्ट ने बताया। उन्होंने अपने टीम के साथ जलभराव से बचाव के लिए तत्काल कदम उठाए।

गंभीर जलभराव के बाद रिक्शा चालकों ने अपने वाहन के सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया। बीएमसी के दो अधिकारियों ने उस रिक्शा को निकालकर चालक की जान बचाई। यह घटना बारिश के दौरान लोगों की सुरक्षा के बारे में एक उदाहरण बन गई।

मानसून के पहुंचने के विस्तार और असर

मानसून मुंबई में बुधवार को पहुंच गया, जो इसकी सामान्य तारीख 10 जून से 13 दिन बाद है। 2023 में इस प्रकार की बारिश 25 जून को हुई थी, जबकि सबसे अधिक देरी 1974 और 1958 में रिकॉर्ड की गई थी। इस बारिश से शहर में भारी गर्मी से राहत मिली, लेकिन जलभराव के कारण जीवन और परिवहन पर बोझ बढ़ गया।

इस दौरान अंधेरी सबवे के क्षेत्र में अपाचा विमान और वाहनों के आवागमन पर बोझ बढ़ गया। बीएमसी ने समाचार राशि आवंटित कर दी, लेकिन अभी तक अस्थायी समाधान नहीं मिला है। जलभराव के कारण शहर के अलर्ट बने रहे।

अंधेरी सबवे में पानी के जमाव के बाद लोगों को अस्थायी रूप से अपने आवास से दूर रहने के लिए आह्वान किया गया। बीएमसी के अधिकारियों ने जलभराव के कारण निर्धारित जोखिम वाले क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन शुरू कर दिया। इस बारिश के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की खबर आई।