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महिला कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला: तीसरे बच्चे के जन्म पर मिलेगी एक साल की छुट्टी, तमिलनाडु सरकार का एलान

Published अगस्त 19, 2026 · Updated अगस्त 19, 2026 · By Michael Martin - indianewslive247.com

Foto : Michael Martin - indianewslive247.com

तमिलनाडु में तीसरे संतान के लिए मातृत्व अवकाश का विस्तार: 365 दिन का नया मानदंड

Indianewslive247.com – मह ल कर मच र य क - मंगलवार को तमिलनाडु की विधानसभा में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरतकुमार ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली महिला सरकारी कर्मचारी को 12 सप्ताह के बजाय पूरे 365 दिन का मातृत्व अवकाश प्राप्त होगा। इससे पहले, दो या उससे अधिक जीवित संतानों वाली महिलाओं को केवल 12 सप्ताह का अधिकार था, जबकि दो से कम बच्चों वाली महिलाओं को पहले से ही एक वर्ष का अवकाश मिल रहा था।

"इन परिस्थितियों में, तमिलनाडु सरकार कल्याणकारी प्रशासन के रूप में सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। इसलिए महिला सरकारी कर्मचारियों के तीसरे बच्चे के लिए वर्तमान में दी जा रही मातृत्व छुट्टी को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन किया जाएगा।"

मातृत्व अवकाश की क्रमिक वृद्धि का इतिहास

राज्य में मातृत्व छुट्टी की अवधि समय के साथ कई बार संशोधित हो चुकी है। वर्ष 2011 में मूल 90 दिनों की सीमा को छह महीनों तक बढ़ाया गया था। इसके बाद 2016 में यह सीमा नौ महीनों तक विस्तारित हुई। जुलाई 2021 में, तत्कालीन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सरकारों के कार्यकाल के दौरान, इसे आखिरकार 365 दिनों तक पहुँचाया गया। अब विजय सरकार ने इस नीति को तीसरे संतान तक विस्तारित करने का निर्णय लिया है।

कार्यान्वयन और पात्रता नियम

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की एक सरकारी सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, 365 दिनों का लाभ उन नियमित महिला कर्मचारियों को मिलेगा जिनके दो से कम जीवित बच्चे हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के तहत, दो या अधिक जीवित संतानों वाली महिलाओं को पूर्ण वेतन के साथ 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश प्राप्त है। सरतकुमार की विधानसभा घोषणा के तुरंत बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि इस नीति को प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत सरकारी आदेश शीघ्र जारी होगा।

विधानसभा में नवजात बच्चे को लेकर चल रहा विवाद

यह नीतिगत घोषणा ऐसे संवेदनशील समय में आई जब टीवीके की नवनिर्वाचित विधायक आर. पल्लवी को लेकर सदन में बहस जारी है। पल्लवी, जो 2026 के विधानसभा चुनाव में चेन्नई की तिरु-वी-का नगर सीट से निर्वाचित हुईं, अपने नवजात बच्चे को विधानसभा परिसर में लेकर आ रही हैं। सदन की कार्यवाही के लिए मुख्य हॉल में जाने से पहले वह बच्चे को एक देखभालकर्ता के सौप देती हैं, जो हॉल के समीप स्थित एक कमरे में उसकी देखभाल करता है। हाल ही में पल्लवी ने अपने नवजात को टीवीके संस्थापक और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मिलाने के लिए भी सदन में लाया था, जहाँ विजय ने बच्चे को आशीर्वाद दिया।

हर स्थान पर बच्चे को साथ ले जाने को लेकर पल्लवी पर आलोचना की लहर उठी। इस पर उन्होंने एक यूट्यूब चैनल से हुई बातचीत में जवाब दिया:

"इसमें इतना मुद्दा बनाने जैसा क्या है?...मैं नवजात बच्चे को घर पर कैसे छोड़ सकती हूं? कृपया सोचकर टिप्पणी करें। अगर आप दूसरों के दर्द को नहीं समझते हैं तो भी ठीक है, लेकिन ट्रोल न करें।"

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