मणिपुर में सरकार का बड़ा फैसला: हथियार लौटाने के लिए दी 15 दिन की मोहलत; कार्रवाई पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मणिपुर में 15 दिन में अवैध हथियार लौटाएं, नहीं तो कार्रवाई
Indianewslive247.com – मण प र म सरक र क - मण प र म सरक र ने तीन वर्षों से चल रही जातीय हिंसा की स्थिति में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अवैध रूप से रखे गए या लूटे गए हथियारों को जमा करने के लिए नागरिकों को 15 दिन की समयसीमा दी गई है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के पश्चात अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय हिंसा के बाद राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को पुनर्स्थापित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायकों या जिला पुलिस के माध्यम से जमा कराएं।
हथियारों की बरामदगी में रिकॉर्ड वृद्धि
पांच फरवरी से ग्यारह अगस्त तक के दौरान सुरक्षा बलों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों ने तलाशी अभियानों के तहत 1,422 हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक भी जब्त किए गए। बरामद हथियारों को इंफाल के प्रथम मणिपुर राइफल्स मैदान में गृह विभाग के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों की ओर से बड़ी संख्या में हथियार स्वेच्छा से लौटाना इस बात का संकेत है कि वे राज्य में शांति चाहते हैं।
शुरुआती दौर में हिंसा की गंभीर स्थिति को देखते हुए हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज करने से परहेज किया गया था। अब स्थिति में सुधार हुआ है और ऐसे हथियारों को अपने पास रखना, छिपाना या इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
लूटे गए हथियारों की स्थिति और शांति रणनीति
मार्च में विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, मणिपुर में हिंसा के दौरान सरकारी शस्त्रागार, थानों और पुलिस चौकियों से 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे। सरकार के अनुसार इनमें से बड़ी संख्या में हथियार अब बरामद किए जा चुके हैं। जुलाई में प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप के 46 कैडरों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण भी किया।
मुख्यमंत्री खेमचंद ने कहा कि तीन मई 2023 से शुरू हुई हिंसा ने अलग-अलग समुदायों के बीच गहरा अविश्वास पैदा किया है। सरकार का मानना है कि इस भरोसे को दोबारा कायम करने के लिए संवाद जरूरी है। सरकार समुदायों, नागरिक संगठनों और अलग-अलग पक्षों के साथ बातचीत के साथ सुरक्षा अभियान भी जारी रख रही है।
इसके अलावा सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान भी तेज किया है। इस दौरान 72 मामले दर्ज किए गए और 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हथियारों की वापसी को इसी व्यापक शांति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अवैध हथियार कहां जमा करवाएं? नागरिक अपने पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायकों या जिला पुलिस के माध्यम से जमा करा सकते हैं।
15 दिन की समयसीमा के बाद क्या होगा? 15 दिन की मोहलत के बाद अवैध हथियार मिलने पर संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कितने हथियार बरामद हुए हैं? पांच फरवरी से ग्यारह अगस्त तक के दौरान 1,422 हथियार, 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
लूटे गए हथियारों की कुल संख्या कितनी है? हिंसा के दौरान सरकारी शस्त्रागार, थानों और पुलिस चौकियों से 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे।
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