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भाषण में धमकी का मामला: अभिषेक ने दी आवाज का नमूना देने के आदेश को चुनौती, कलकत्ता हाईकोर्ट कब करेगा सुनवाई?

Published जुलाई 8, 2026 · Updated जुलाई 8, 2026 · By Charles Davis

भाषण में धमकी का मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट सुनवाई करेगा

भ षण म धमक क म मल - कलकत्ता हाईकोर्ट शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी की आवाज के नमूना देने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। इस भाषण में धमकी के मामले में अभिषेक बनर्जी के वकील ने एक तेजी से सुनवाई की अपील लगाई, जिसका निर्णय आज लिया जाएगा। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने इस मामले में अभिषेक बनर्जी को 31 जुलाई तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने के आदेश दिए थे।

“भाषण में धमकी के मामले में अभिषेक बनर्जी को इस शर्त पर राहत दी गई थी कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे,” राजदीप मजूमदार ने अदालत में बताया। यह अदालत के निर्णय के बारे में विस्तार से बताया गया है कि उनके विदेश जाने पर रोक लगाई गई थी और जांच के दौरान कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकती थी।

मामला विधानसभा चुनाव के दौरान उठा गया था

भाषण में धमकी के मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी, जहां अभिषेक बनर्जी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित आक्रमणकारी टिप्पणियां की थी। इस आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और अपनी आवाज का नमूना देने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दी गई। अप्रैल में एक जनसभा में कथित धमकी भरे विवाद के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने बताया कि आवाज के नमूना देने के आदेश के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। इस मामले में उनके विरोधी पक्ष ने आवाज के नमूना देने की आवश्यकता को आपत्ति जताई है, जिसे अदालत की ओर से अपना फैसला दिया जाएगा। बातचत्र और विचारधारा के अनुसार, भाषण में धमकी का मामला एक विशेष रूप से चर्चा वाला विषय बन गया है।

आदेश के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्णय में अभिषेक बनर्जी के वकील ने बताया कि भाषण में धमकी के मामले में अदालत ने अपनी ओर से एक अंतरिम राहत प्रदान की गई है। इस राहत के तहत अभिषेक बनर्जी को न्यायालय की अनुमति के बिना विदेश जाने की अनुमति दी गई है। इस आदेश के खिलाफ वकील ने आगे की सुनवाई की अपेक्षा जताई है।

भाषण में धमकी के मामले में अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका में आवाज के नमूना देने की आवश्यकता को असंवैधानिक बताया गया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत आवाज के नमूना देने के आदेश के बारे में सामाजिक अवलोकन का एक विशेष रूप से अहम भूमिका है। अदालत ने अपने निर्णय में एक अंतरिम संरक्षण दिया है, जिससे उन्हें लगातार न्यायाधीश की अनुमति के बिना चलने की अनुमति मिली है।

इस मामले में आवाज के नमूना देने के आदेश के खिलाफ लड़ाई की बात अदालत के निर्णय के बारे में हुई है। भाषण में धमकी के मामले के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए अभिषेक बनर्जी के वकील ने इस आदेश को रोक लगाने की बात कही। अदालत के निर्णय में