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पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत?: सीएम ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिवार से की मुलाकात; क्या कहा?

Published अगस्त 10, 2026 · Updated अगस्त 10, 2026 · By Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

बंगाल में पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत, CM ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए

Indianewslive247.com – प ल स ह र सत म - पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले में पुलिस हिरासत में मृत पाए गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की गई। इस दौरान भाजपा विधायक अर्जुन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे।

मृतक की पहचान और मृत्यु के परिस्थितियां

कांचरापाड़ा नगरपालिका की पूर्व पार्षद जेनी शर्मा केओट के पति बिरजू केओट को जबरन वसूली सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। शनिवार को उनकी मृत्यु की खबर सामने आई।

केओट की पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत के अंदर उन्हें पिटाई का शिकार होना पड़ा था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ममता बनर्जी का विरोध और काफिले पर हमला

एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी टीएमसी के मृतक कार्यकर्ता के हालीशहर स्थित निवास गई थीं। वहां उन्हें भीड़ द्वारा विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और 'चोर' के नारे लगाए। काफिले पर लोग कीचड़ और चप्पलें फेंक रहे थे।

ममता बनर्जी ने अपने काफिले पर हुए कथित हमले में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया था। हालांकि, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसमें भाजपा की किसी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध ममता बनर्जी के खिलाफ 'लोगों के गहरे आक्रोश' को दर्शाता है।

पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई

मृतक के परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हालीशहर थाने के प्रभारी निरीक्षक को क्लोज (जिम्मेदारी से हटाना) कर दिया गया है। मामले की जांच कर रहे अधिकारी को भी केओट की मौत के मामले में निलंबित कर दिया गया है।

जब किसी पुलिस अधिकारी को 'क्लोज' किया जाता है, तो उसे थाने की जिम्मेदारी से हटा दिया जाता है। इसके बाद उसे नई जिम्मेदारी मिलने तक प्रतीक्षा में रखा जाता है। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: बिरजू केओट की मौत की क्या वजह बताई गई है? उत्तर: केओट की पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत के अंदर उन्हें पिटाई का शिकार होना पड़ा था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

प्रश्न: मुख्यमंत्री ने किस प्रकार की जांच के आदेश दिए हैं? उत्तर: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

प्रश्न: पीड़ित परिवार को कितनी आर्थिक सहायता मिली है? उत्तर: पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।

प्रश्न: किन पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है? उत्तर: हालीशहर थाने के प्रभारी निरीक्षक को क्लोज कर दिया गया है और मामले की जांच कर रहे अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

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