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पश्चिम बंगाल:ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, चुनाव के समय भड़काऊ बयान देने का आरोप

Published जून 12, 2026 · Updated जून 12, 2026 · By Charles Davis

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, चुनावी रैली में भड़काऊ बयान का आरोप

मामला चुनाव के आगे उठा

पश च म ब ग ल ममत - पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता ममता बनर्जी के खिलाफ एक नया एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि उनके द्वारा 2026 के विधानसभा चुनाव के समय भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान दिए जाने के कारण धार्मिक संवेदनाओं को आहत किया गया।

शिकायत करने वाला व्यक्ति नेताजी सुभाष चंद्र बोस रोड के निवासी तुषार कांति दास हैं। उन्होंने बताया कि बयान में भाजपा के 'भ्रामक प्रचार' के बारे में जानकारी देने के बाद लोगों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन विशेष रूप से किस प्रकार के भ्रामक प्रचार का विवरण नहीं दिया गया था।

तुषार कांति दास ने बताया कि रैली में दिया गया बयान भड़काऊ लगता है और इससे सांप्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।

उनके आरोप के अनुसार, ऐसे बयान विभिन्न समुदायों में भय और गलतफहमी के उत्पादन में सहायता कर सकते हैं। इस तरह के विवाद सामान्य नागरिकों के भीतर असुरक्षा की भावना फैलाने में सहायता कर सकते हैं, जो पश्चिम बंगाल की शांति और लोकतांत्रिक माहौल के लिए खतरा बन सकता है।

इस मामले में तुषार कांति दास ने एक वीडियो क्लिप को पेन ड्राइव में संग्रहित करके पुलिस के पास सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि तत्काल संज्ञान लेने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच कराने की आवश्यकता है।

प्रतीकात्मक आरोप के अंतर्गत विवाद

पहले भी ममता बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में एक आरोप दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने 'सनातन धर्म गंदा धर्म करने' के बारे में बोलते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया था। उस मामले में वकील रिंकी चट्टोपाध्याय ने मई में सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

इस नए एफआईआर के बाद विवाद तेज हो गया है, जो 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद उठा। आरोप लगाया गया है कि उनके बयान लोगों के बीच भेदभाव और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।