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निपाह और शिगेला संक्रमण केरल सरकार सख्त: स्वास्थ्य मंत्री बोले- हालात नियंत्रण में, घबराने की कोई जरूरत नहीं

Published जून 13, 2026 · Updated जून 13, 2026 · By David Miller

केरल सरकार ने निपाह और शिगेला संक्रमण के संबंध में अपने अपडेट जारी कर दिए हैं, जिससे लोगों में चिंता कम हो गई है

न प ह और श ग ल - राज्य सरकार के अनुसार निपाह वायरस के संक्रमण के मामले अब तक नियंत्रण में हैं। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि संक्रमित मरीज की हालत अब भी स्थिर बनी हुई है और उसके संपर्क में आए लोगों के नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।

मरीज के संपर्क में आए सभी व्यक्तियों के नमूनों की जांच की गई थी, जिनमें कोई निपाह वायरस के संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले। इस बारे में राज्य के स्वास्थ्य विभाग को राहत मिली है।

अतिरिक्त रूप से शिगेला संक्रमण के कुछ मामले भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं। लेकिन सरकार ने घबराने की आवश्यकता नहीं है के रूप में बताया है कि स्थिति को ठीक रखे रहे जारी रखा जा रहा है।

संक्रमण के फैलने का नया संकेत नहीं मिला है

अधिकारियों का मानना है कि अब तक निपाह वायरस के फैलने का कोई नया संकेत नहीं मिला है। लेकिन एहतियात के लिए निगरानी जारी रखी गई है। इस विषय पर सरकार के बयान में कहा गया है कि फिलहाल खतरनाक स्थिति नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निपाह वायरस को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जल्दी पहचान और संपर्कों की जांच जैसे कदम लगातार लगाए जा रहे हैं।

सार्वजनिक सलाह दी गई है

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से मई से सितंबर के बीच निपाह के लिहाज से संवेदनशील अवधि के दौरान चमगादड़ों के संपर्क में आने से बचने की अपील की है। वे बताए हैं कि अगर कहीं बड़ी संख्या में चमगादड़ दिखाई दें तो उसकी तुरंत सूचना देने को कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि शिगेला संक्रमण के मामलों में भी नियंत्रण के माध्यम से स्थिति सुधार चुकी है। तिरुवनंतपुरम, वायनाड और कुछ अन्य क्षेत्रों में मामले दर्ज किए गए थे।

विषाणु के बारे में जानकारी

निपाह एक जूनोटिक वायरस है जो मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित जानवरों या संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से भी इस वायरस का फैलना संभव है।

केरल में पिछले कुछ वर्षों में निपाह के कई मामले सामने आए हैं। इस कारण विभाग के अधिकारियों की चौकसी बरकरार है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक नियंत्रण में निपाह और शिगेला दोनों के मामलों पर नजर रखी जा रही है।