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दीक्षांत समारोह में CJI को मुख्य अतिथि बनाने का विरोध: बुलाने से पहले सलाह की बात क्यों, छात्रों ने क्या कहा?

Published अगस्त 10, 2026 · Updated अगस्त 10, 2026 · By Joseph Moore - indianewslive247.com

Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com

हाइदराबाद में छात्रों ने सीजेआई को मुख्य अतिथि बनाने का विरोध किया

Indianewslive247.com – द क ष त सम र ह - हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की योजना के खिलाफ आवाज उठाई है। इस मुद्दे पर छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और शिक्षकों को एक ईमेल भेजकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की है।

पुलिस बर्बरता मामले में सीजेआई की पीठ का रवैया छात्रों को क्यों भा रहा?

छात्रों द्वारा 23 जुलाई को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई बर्बरता से संबंधित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मना कर दिया था। इस दौरान वरिष्ठ वकील ने वीडियो सबूत प्रस्तुत करने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने उसमें रुचि नहीं दिखाई।

छात्रों ने ईमेल में लिखा, कानून के छात्रों के रूप में हमारी चिंता दीक्षांत समारोह के संदर्भ में है। यह ऐसा अवसर होता है जहां विश्वविद्यालय के अपने मूल्य, जिनमें सांविधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता, न्याय तक पहुंच और शिकायतों पर तर्कसंगत जुड़ाव शामिल हैं, स्पष्ट रूप से झलकने चाहिए।

सांविधानिक मूल्यों के प्रति छात्रों की चिंता

छात्रों का मानना है कि एक ऐसे गणमान्य व्यक्ति के हाथों अपनी डिग्री लेना, जिनका हालिया सार्वजनिक आचरण नागरिकों के खिलाफ पुलिस बर्बरता के गंभीर आरोपों को लेकर उदासीन प्रतीत होता है, उन मूल्यों के साथ मेल नहीं खाता जो हमने नालसार में सीखे हैं।

छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी औपचारिक फैसले से पहले इस मामले को उठा रहे हैं ताकि उनके विचारों को समय रहते ध्यान में रखा जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय से अनुरोध किया है कि वे मुख्य अतिथि के चयन पर गंभीरता से पुनर्विचार करें और अंतिम निमंत्रण भेजने से पहले सलाह-मशविरा करें।

छात्रों की मांग: बुलाने से पहले सलाह लें

विद्यार्थी संगठनों ने कहा है कि दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि का चयन केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए। छात्रों का कहना है कि सांविधानिक मूल्यों और न्यायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ही मुख्य अतिथि को आमंत्रित किया जाना चाहिए।

छात्रों ने यह भी सुझाव दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की राय को गंभीरता से लेना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो मुख्य अतिथि के चयन में देरी करनी चाहिए। इस मामले में छात्रों का मानना है कि समय पर सलाह-मशविरा करने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असंतुष्टि से बचा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ का दीक्षांत समारोह कब होगा? वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। छात्रों ने मुख्य अतिथि के चयन से पहले सलाह-मशविरा करने की मांग की है।

2. छात्रों ने मुख्य अतिथि के रूप में किसे आमंत्रित करने का विरोध किया? छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की योजना के खिलाफ आवाज उठाई है।

3. छात्रों का मुख्य तर्क क्या है? छात्रों का तर्क है कि जंतर मंतर प्रदर्शनों में पुलिस बर्बरता से संबंधित याचिका पर तत्काल सुनवाई न करने के कारण जस्टिस सूर्यकांत का सांविधानिक मूल्यों के प्रति रवैया उदासीन प्रतीत होता है।

4. छात्रों ने क्या सुझाव दिया है? छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे मुख्य अतिथि के चयन पर गंभीरता से पुनर्विचार करें और अंतिम निमंत्रण भेजने से पहले सलाह-मशविरा करें।

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