दाभोलकर हत्याकांड: हाई कोर्ट ने दूसरे आरोपी सचिन अंदुरे को दी जमानत, अप्रैल में पहले हत्यारोपी को मिली थी बेल
दाभोलकर हत्याकांड में दूसरे आरोपी सचिन अंदुरे को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली जमानत
Indianewslive247.com – द भ लकर हत य क ड - पुणे में 2013 की उस घटना की जाँच-पड़ताल के बाद दोषी ठहराए गए दूसरे आरोपी सचिन अंदुरे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया है। इससे पहले इसी मामले में पहले आरोपी शरद कलस्कर को भी अदालत ने छूट दे चुकी थी।
दाभोलकर कौन थे और हत्या कैसे हुई
तर्कवादी विचारक और अंधविश्वाद-विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरे डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की उम्र 67 वर्ष थी। उन्होंने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की स्थापना की थी। 20 अगस्त 2013 की सुबह, पुणे में सैर पर निकले दाभोलकर पर मोटरसाइकिल से आए दो बदमाशों ने गोलियाँ चला दीं और उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
जाँच, मुकदमा और सज़ा
2014 में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस अपराध की जाँच संभाली और शरद कलस्कर तथा सचिन अंदुरे को आरोपी के रूप में नामित किया। वर्ष 2024 में पुणे की एक विशेष अदालत ने दोनों को दोषी पाया और हत्या के अपराध के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
अप्रैल में कलस्कर को मिली थी छूट
29 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीत सिंह भोंसले की खंडपीठ ने शरद कलस्कर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने कलस्कर के हमलावर के रूप में पहचाने जाने के सवाल पर संदेह जताया था। साथ ही अदालत ने 50 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करने की शर्त भी लगाई।
सीबीआई की ओर से जमानत आदेश पर चार हफ्ते तक रोक लगाने की मांग को खंडपीठ ने खारिज कर दिया। इस संदर्भ में जस्टिस गडकरी ने कहा था—
"जब हम पहले ही याचिकाकर्ता कलस्कर की हमलावर के रूप में पहचान पर संदेह जता चुके हैं, तो इस आदेश पर रोक लगाने का सवाल ही नहीं उठता।"
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी वाम नेता गोविंद पंसारे की हत्या के मामले में अदालत ने कलस्कर को जमानत प्रदान की थी।
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