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‘डूसू चुनाव में धनबल का दिखा असर’: अभिजीत दीपके ने लगाए कई आरोप, कहा- लग्जरी गाड़ियों से आते हैं प्रचारक

Published सितम्बर 21, 2026 · Updated सितम्बर 21, 2026 · By Charles Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com

ड स च न व म धनबल के असर का आरोप, अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

Indianewslive247.com – ड स च न व म धनबल के प्रभाव को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हालिया जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार में महंगी गाड़ियों और पैसे की ताकत का असर दिखाई देता है।

दीपके के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रचार करने वाले लोग लग्जरी वाहनों से आते हैं, जिनमें रॉल्स रॉयस, ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी कारें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ड स च न व म समान अवसर और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का सवाल उठता है।

डूसू के केंद्रीय पैनल में एबीवीपी की जीत

शनिवार को हुए डूसू चुनाव में एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत दर्ज की। संगठन ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए। कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) केंद्रीय पैनल की कोई भी सीट नहीं जीत सकी। यह चुनाव सीजेपी के नेतृत्व में हुए हालिया जेन जी प्रदर्शनों के बाद आयोजित हुआ था।

“चुनाव में पैसे का असर होता है और कुछ नहीं। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रचार करने वाले रॉल्स रॉयस से आते हैं, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है।”

विश्वविद्यालयों में वैचारिक प्रभाव का दावा

राहुल गांधी के उस दावे पर पूछे गए सवाल के जवाब में दीपके ने भी चिंता जताई कि वैचारिक जुड़ाव रखने वाले लोगों को संस्थानों में बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अमरावती के पास स्थित वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति कुमुद शर्मा का उल्लेख किया और दावा किया कि उनके कार्यकाल में 50 से अधिक छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं।

दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले दलित और आदिवासी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई होती है, जबकि एबीवीपी के विरोध प्रदर्शनों पर वैसी कार्रवाई नहीं दिखती। उनके मुताबिक, ड स च न व म की चर्चा के साथ शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों पर भी बहस जरूरी है।

एमपीएससी, आईआईटी बॉम्बे और आदिवासी स्कूलों पर भी बोले दीपके

सीजेपी संस्थापक ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी कई दिनों से एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया से उनका भरोसा कम हुआ है।

दीपके ने बताया कि सीजेपी एमपीएससी अभ्यर्थियों के साथ मिलकर “भीमनवार राजीनामा द्या” नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू करेगा। इस अभियान में छात्र भीमनवार की भूमिका, उनकी उपलब्धियों, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके संबंधों और इस्तीफे की मांग के कारणों पर अपनी बात रखेंगे।

आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या के मामले पर भी दीपके ने दुख जताया। अधिकारियों के अनुसार, छात्र शुक्रवार शाम हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका मिला था। इससे कुछ घंटे पहले उसे मिड-सेमेस्टर परीक्षा में कथित रूप से मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।

दीपके ने कहा कि कथित नकल का मामला आत्महत्या को सही नहीं ठहरा सकता और छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य परामर्श अधिक जरूरी है। उनके अनुसार, बड़े शहरों और पिछड़े इलाकों, दोनों जगह विद्यार्थियों को सहयोग और भरोसेमंद सहायता की जरूरत है।

उन्होंने “आदिवासी स्कूल ठीक करो” अभियान को देशभर में आगे बढ़ाने की बात कही और बताया कि वह महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों का दौरा कर चुके हैं तथा गुजरात भी जाएंगे। तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले पर उन्होंने तंज करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के लिए चुनावी मैदान लगातार कठिन होता जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ड स च न व म को लेकर अभिजीत दीपके का मुख्य आरोप क्या है?

दीपके का आरोप है कि चुनाव प्रचार में धनबल और महंगी लग्जरी गाड़ियों का प्रभाव दिखता है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

डूसू चुनाव में किस संगठन ने कितने पद जीते?

एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत दर्ज की। संगठन ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते।

एमपीएससी अभ्यर्थियों के लिए सीजेपी का प्रस्तावित अभियान क्या है?

सीजेपी ने एमपीएससी अभ्यर्थियों के साथ “भीमनवार राजीनामा द्या” ऑनलाइन अभियान चलाने की बात कही है, जिसमें परीक्षा व्यवस्था और अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा की जाएगी।

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