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टीएमसी के नाम-चुनाव चिह्न पर रोक: कांग्रेस ने ईसी को घेरा, कहा- ज्ञानेश कुमार ने पीएम को दिया जन्मदिन का तोहफा

Published सितम्बर 18, 2026 · Updated सितम्बर 18, 2026 · By Charles Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com

टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतरिम रोक

Indianewslive247.com – ट एमस क न म च न - ट एमस क न म च को लेकर पश्चिम बंगाल के विधानसभा उपचुनावों से पहले निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को फिलहाल पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है।

निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुट उपचुनाव के दौरान खुद को “अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस” नहीं कह सकेंगे। दोनों पक्षों को पार्टी के लिए आरक्षित “फूल और घास” चुनाव चिह्न के उपयोग की भी अनुमति नहीं होगी।

आयोग ने क्यों जारी किया अंतरिम आदेश?

गुरुवार रात जारी आदेश में आयोग ने कहा कि उसके सामने उपलब्ध रिकॉर्ड से पार्टी में दो प्रतिद्वंद्वी समूह होने की स्थिति सामने आई है। चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत विवाद पर विस्तृत फैसला किया जाना आवश्यक है।

आयोग ने दोनों गुटों को समान स्थिति में रखने तथा उनके अधिकारों और हितों की रक्षा के उद्देश्य से यह अस्थायी व्यवस्था लागू की है। यह आदेश विवाद पर अंतिम निर्णय आने तक प्रभावी रहेगा। दोनों समूहों से शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के अलग नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा गया है।

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल

ट एमस क न म च के इस्तेमाल पर रोक को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आयोग की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “देर रात जन्मदिन का तोहफा” बताया।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा का विरोध करने वाली पार्टियों को चुनावी स्तर पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी फैसले को आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे हटना बताया। उनका कहना था कि पार्टी से अलग हुए गुट का मूल संगठन के चुनाव चिह्न पर वैध दावा नहीं हो सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दोनों गुट टीएमसी का नाम इस्तेमाल कर सकेंगे?

नहीं। अंतरिम आदेश के तहत दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए “अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस” नाम के उपयोग की अनुमति नहीं है।

ट एमस क न म च विवाद में आगे क्या होगा?

निर्वाचन आयोग दोनों पक्षों के दावों पर विस्तृत सुनवाई के बाद अंतिम फैसला करेगा। तब तक उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को अलग नाम और अलग चुनाव चिह्न चुनना होगा।

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