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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: वायरल ऑडियो में किसकी आवाज? लॉरेंस गैंग के 200 से ज्यादा वॉयस सैंपल खंगालेगी पुलिस

Published अक्टूबर 21, 2026 · Updated अक्टूबर 21, 2026 · By David Taylor - indianewslive247.com

Foto : David Taylor - indianewslive247.com

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में वायरल ऑडियो की आवाज की जांच

Indianewslive247.com – ट इगर श र फ फ यर - ट इगर श र फ फायरिंग केस की जांच में मुंबई पुलिस का ध्यान अब धमकी भरे वायरल ऑडियो क्लिप की आवाज पहचानने पर है। पुलिस संदिग्ध आवाज का मिलान पंजाब, दिल्ली और राजस्थान पुलिस के पास उपलब्ध वॉयस बैंक से करने की तैयारी कर रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज किस व्यक्ति की है और उसका कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

200 से अधिक वॉयस सैंपल से होगा मिलान

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के पास बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के 200 से अधिक ऑडियो सैंपल का डेटाबेस मौजूद है। पंजाब और राजस्थान पुलिस के पास भी ऐसे वॉयस बैंक हैं, जिनका उपयोग संदिग्ध आवाज की पहचान के लिए किया जा सकता है।

ट इगर श र फ मामले में इन रिकॉर्डिंग के मिलान से जांचकर्ताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि धमकी वाला ऑडियो किसी पुराने मामले, पहले से संदिग्ध रहे व्यक्ति या गैंग से जुड़े किसी सदस्य से जुड़ा है या नहीं।

कथित अनिल पंडित ऑडियो भी जांच के दायरे में

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ को धमकी दिए जाने के बाद सामने आई अनिल पंडित की कथित ऑडियो क्लिप भी जांच के दायरे में है। पुलिस केवल आवाज का मिलान नहीं करेगी, बल्कि यह भी जांचेगी कि क्लिप में बोलने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन है।

धमकी भरे मामलों में अलग-अलग नाम और आवाजों के इस्तेमाल की बात सामने आने से जांच जटिल हो जाती है। इसलिए वॉयस बैंक से तकनीकी सत्यापन को अहम माना जा रहा है।

वायरल ऑडियो की पहचान और उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पहले भी हुई है ऑडियो क्लिप की जांच

सलमान खान, आमिर खान, रोहित शेट्टी और बाबा सिद्दीकी समेत अन्य लोगों को मिली कथित धमकियों से जुड़े ऑडियो क्लिप की जांच में भी आवाज के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। ट इगर श र फ फायरिंग केस में भी पुलिस इसी तरीके से संदिग्ध आवाज के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुलिस वॉयस बैंक का इस्तेमाल क्यों करती है?

वॉयस बैंक में पहले से उपलब्ध रिकॉर्डिंग से संदिग्ध ऑडियो का मिलान कर आवाज की संभावित पहचान की जा सकती है।

क्या वायरल ऑडियो की पुष्टि हो चुकी है?

नहीं, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के तहत इसकी आवाज और स्रोत की पड़ताल कर रही है।

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