‘गणेश विसर्जन खत्म, अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी’: प्रकाश राज ने एसआईआर पर उठाए सवाल; भाजपा ने क्या कहा?
एसआईआर पर प्रकाश राज का हमला, ज्ञानेश कुमार की टिप्पणी से विवाद
Indianewslive247.com – गण श व सर जन खत म - गण श व सर जन खत को लेकर अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए “विसर्जन” शब्द का इस्तेमाल किया। तेलंगाना भाजपा ने इस टिप्पणी को संवैधानिक पद का अपमान बताया है।
प्रकाश राज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान मूर्तियों का विसर्जन पूरा हो चुका है, लेकिन अब ज्ञानेश कुमार का “विसर्जन” बाकी है। उनका यह बयान मतदाता सूचियों से नाम हटने की शिकायतों और एसआईआर के विरोध के संदर्भ में आया।
“कर्नाटक, आंध्र और पूरे भारत में गणेश विसर्जन खत्म हो गया है। अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी है।”
38 लाख अपीलों का हवाला देकर उठाए सवाल
गण श व सर जन खत से जुड़े विवाद के बीच प्रकाश राज ने पश्चिम बंगाल संबंधी मीडिया रिपोर्टों का जिक्र किया। इन रिपोर्टों में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की ओर से नाम दोबारा जुड़वाने के लिए 38 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित होने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि इन अपीलों के निस्तारण में 10 से 12 वर्ष लग सकते हैं। प्रकाश राज ने सवाल उठाया कि जिन नागरिकों के नाम सूची से हटे हैं, क्या उन्हें मतदान का अधिकार पाने के लिए इतने लंबे समय तक इंतजार करना चाहिए।
उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया केवल दस्तावेजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह उन पात्र नागरिकों के अधिकारों का मामला है जो देश में रहते हैं और वोट देना चाहते हैं। उन्होंने एसआईआर को नाम सुधारने के बजाय नाम हटाने वाली प्रक्रिया जैसा बताया।
जिलों के दौरे में मिली शिकायतों का दावा
प्रकाश राज ने कहा कि उन्होंने 10 दिनों तक अलग-अलग जिलों का दौरा किया और लोगों से बात की। उनके मुताबिक, कई नागरिकों ने शिकायत की कि मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के घर आने के समय मौजूद नहीं थे, जिसके बाद उनके नाम सूची से हट गए। उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों का भी उल्लेख किया, जो काम के सिलसिले में दूसरे स्थानों पर रहते हैं और जिनके नाम हटने की शिकायतें सामने आई हैं।
गण श व सर जन खत के मुद्दे पर प्रकाश राज ने कहा कि अस्थायी रूप से घर से बाहर रहने वाले पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए प्रक्रिया में पर्याप्त सावधानी और सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि लोगों को एसआईआर के बारे में पहले से पर्याप्त जानकारी दी गई थी या नहीं।
“हमारी मांग है कि एसआईआर को रोका जाए और इसे पूरी तरह खत्म किया जाए।”
भाजपा ने टिप्पणी को बताया अपमानजनक
तेलंगाना भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने प्रकाश राज के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एक संवैधानिक संस्था के प्रमुख होते हैं और उनके खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल अपमानजनक है।
सुभाष के मुताबिक, निर्वाचन आयोग या उसकी प्रक्रियाओं की आलोचना की जा सकती है, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तुलना मूर्ति विसर्जन से करना स्वीकार्य राजनीतिक आलोचना की सीमा से बाहर है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस और असहमति की जगह है, लेकिन व्यक्तिगत उपहास से गंभीर चर्चा कमजोर होती है। भाजपा प्रवक्ता ने एसआईआर पर आपत्तियां होने पर तथ्यों और साक्ष्यों के साथ उचित मंच पर बात रखने की सलाह दी।
“लोकतंत्र में बहस होनी चाहिए। किसी का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।”
हैदराबाद में प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग
एसआईआर के विरोध में हैदराबाद में भी प्रदर्शन हुआ। तेलंगाना पीपुल्स फ्रंट, कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया समाप्त करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम 2023 को रद्द करने की मांग उठाई। पोस्टरों पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा लोकतंत्र बचाने से जुड़े संदेश लिखे गए थे।
इस पूरे विवाद ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता, पात्र मतदाताओं की भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एसआईआर क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची की जांच और उसे दुरुस्त करने से जुड़ी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के सही विवरण दर्ज करना और गलतियों को दूर करना होता है।
नाम हटने पर मतदाता क्या कर सकते हैं?
मतदाता संबंधित चुनाव कार्यालय, बूथ लेवल अधिकारी या उपलब्ध अपील प्रक्रिया के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आवश्यक पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज रखना उपयोगी होता है।
प्रकाश राज के बयान पर भाजपा की आपत्ति क्या है?
भाजपा का कहना है कि आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के लिए “विसर्जन” जैसे शब्दों का इस्तेमाल संवैधानिक पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
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