IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

केरलम: कांग्रेस विधायक राम्या से मारपीट मामले का विवाद गहराया, दो कार्यकर्ता निलंबित; एससी आयोग ने क्या कहा?

Published सितम्बर 6, 2026 · Updated सितम्बर 6, 2026 · By David Taylor - indianewslive247.com

Foto : David Taylor - indianewslive247.com

केरलम कांग्रेस: दो कार्यकर्ता निलंबित, एससी आयोग ने 7 दिन की सीमा तय की

Indianewslive247.com – क रलम - केरलम की राजनीतिक परिदृश्य में एक नया संकट गहराता दिख रहा है। कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और स्थानीय संगठन के कुछ सदस्यों के बीच चिरायिनकीझू में घटी हाथापाई के बाद, केरलम प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) ने रविवार को दो कार्यकर्ताओं की प्राथमिक सदस्यता रद्द करने का फैसला जारी किया। साथ ही, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस घटना को स्वत: संज्ञान में लेकर राज्य प्रशासन और पुलिस को सात दिन की अंतिम समयसीमा दे दी है।

आयोग की नोटिस और अनुच्छेद 338 की चेतावनी

आयोग ने बिना किसी बाहरी शिकायत के इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया। केरलम के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक दोनों को विस्तृत नोटिस भेजा गया, जिसमें प्राथमिकी संख्या, लगाई गई धाराएँ, आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी की स्थिति, आरोपपत्र या अंतिम रिपोर्ट की प्रगति और पीड़िता को मिले मुआवजे की जानकारी माँगी गई।

आयोग ने स्पष्ट किया कि सात दिन के भीतर रिपोर्ट न मिलने पर संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत संबंधित अधिकारियों को समन जारी किया जा सकता है। यह कदम बताता है कि आयोग को घटना में जाति-आधारित तत्व की संभावना पर गंभीर चिंता है और वह जाँच की गति को स्वयं निगरानी में ले रहा है।

निलंबन, जाँच समिति और दोनों पक्षों के दावे

केपीसीसी के संगठनात्मक मामलों के महासचिव नेय्याट्टिनकर सनल ने घोषणा की कि पालयम प्रदीप और एस सजाद दोनों को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है। सनल ने बताया कि दोनों के खिलाफ गंभीर अनुशादनहीनता के मामले दर्ज हैं, जिनसे पार्टी की सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई। प्रदीप हरिदास के निजी स्टाफ में थे, जबकि सजाद सक्रिय पार्टी नेता हैं। हरिदास का आरोप है कि सजाद के निवास पर कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।

दूसरी ओर, जिला पंचायत सदस्य साजित मुथम्बलम और सजाद का कहना है कि व्हाट्सएप पर एक पोस्ट को लेकर विधायक और प्रदीप ने तीव्र बहस शुरू की, जिसके बाद हाथापाई हुई। शुक्रवार रात घटी इस घटना में हरिदास के घायल होने की बात कही गई; उन्होंने चिरायिनकीझू तालुक अस्पताल में इलाज कराया। केरलम कांग्रेस में हरिदास को दलित महिला चेहरे के रूप में पहचाना जाता है, और यही कारण है कि घटना का जाति-आधारित आयाम आयोग के स्वत: संज्ञान का आधार बना।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष एम एम हसन को रविवार से जाँच की जिम्मेदारी सौंपी गई। हसन ने साजित और सजाद के बयान दर्ज किए, परंतु हरिदास उस समय नई दिल्ली में थीं और समिति के समक्ष पेश नहीं हो सकीं। हसन ने फोन पर बात करके उनके लौटने के बाद व्यक्तिगत रूप से पक्ष सुनने का संकेत दिया।

"पार्टी ने मेरी पूरी बात सुनी। मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा है। मेरा विश्वास है कि पार्टी सही फैसला करेगी।" — साजित मुथम्बलम

केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने घटना को अत्यंत गंभीरता से देखने की बात कही और जाँच की जिम्मेदारी हसन को सौंपने का उल्लेख किया। आंतरिक मतभेदों पर उनका स्पष्ट संदेश था: आलोचना की स्वतंत्रता है, पर वह पार्टी समितियों या आंतरिक मंचों पर होनी चाहिए, सार्वजनिक मंच या मीडिया के सामने नहीं।

"कोई भी किसी की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह सार्वजनिक आलोचना नहीं होनी चाहिए। मीडिया के सामने ऐसी बातें कहना सही नहीं है।" — सनी जोसेफ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: एससी आयोग ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? आयोग ने स्वत: संज्ञान में लेकर केरलम के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सात दिन की अंतिम सीमा दी। समयसीमा के पार होने पर अनुच्छेद 338 के तहत समन जारी किया जा सकता है।

प्रश्न: निलंबित किए गए दो कार्यकर्ता कौन हैं और उन पर क्या आरोप है? पालयम प्रदीप (हरिदास के निजी स्टाफ) और एस सजाद (सक्रिय पार्टी नेता) को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया। आरोप गंभीर संगठनात्मक अनुशादनहीनता का है।

प्रश्न: जाँच समिति की भूमिका क्या है? पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष एम एम हसन को जाँच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने एक पक्ष का बयान दर्ज किया है; दूसरे पक्ष का सुनना हरिदास के लौटने के बाद होगा।

Related Reading

Frequently Asked Questions

What is क रलम?

क रलम is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does क रलम matter?

क रलम matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.