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कुरुक्षेत्र: राहुल को प्रतिरोध का नारा बनाएगा विपक्ष का चेहरा, 2029 में PM मोदी और नेता विपक्ष का सीधा मुकाबला

Published जून 16, 2026 · Updated जून 16, 2026 · By Charles Davis

कुरुक्षेत्र: राहुल गांधी विपक्ष के रूपांतर के कारण 2029 में प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध बर्बादी के बाद लड़ेगा

2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का नया चेहरा

क र क ष त र - लोकसभा चुनाव के तीन साल हो गए हैं, लेकिन राजनीति के चल रहे अंतर दिखाते हैं कि अब से लोकसभा और उसके बाद आने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच निर्णायक मुकाबला होगा। कांग्रेस ने इस बार राहुल गांधी को अपने उम्मीदवार के रूप में घोषित करते हुए एक नए रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की, जिससे उपलब्धि के बजाय प्रतिरोध की राजनीति के अपने पुराने दौर को फिर से शुरू करना होगा।

राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन के बैठक में कहा कि देश में चुनाव परंपरागत राजनीति से आगे अब प्रतिरोध की राजनीति का युग आ गया है। इसका उदाहरण युवाओं और छात्रों के संवाद की पहल के रूप में दिया गया।

नेता विपक्ष के नए दृष्टिकोण के अनुसार, मोदी सरकार के विरुद्ध सड़क तक लड़ाई के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। राहुल गांधी के उद्घोषण के बाद कांग्रेस अब उपलब्धियों के बजाय संघर्ष और विरोध के बारे में बोल रही है। अतीत में विपक्ष उम्मीदवार के बजाय छोटे छात्रों के बीच कार्यक्रमों को आयोजित करते रहे, लेकिन अब विपक्ष के चेहरे के रूप में राहुल गांधी को चुनाव मैदान में जगह देने की योजना बन गई है।

मोदी के नाम पर लगातार जीत की तलाश

भाजपा और एनडीए गठबंधन ने पिछले दस वर्षों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नाम पर एक एकल प्रतिरोध रहे हैं। उन्होंने आम चुनावों में चुनावी प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की लंबे समय तक इस पद पर रहने की उपलब्धि साबित करते हुए नेहरू के 1946 से 1952 तक के कार्यकाल को छोड़ दिया गया। इस प्रक्रिया में अगर नेहरू के पहले आम चुनावों से पहले के कार्यकाल को छोड़ दिया गया, तो मोदी के बारह साल के राजनीति में लंबे समय तक बर्बादी के बाद लड़ेगा।

नेहरू के बारह साल के राजनीति में लंबे समय तक इस पद पर रहने के दावे के बाद बाजार में राहुल गांधी अब नया समय आ गया है। इसके विपरीत, अगर कांग्रेस ने इस समय में अपने नेता को राहुल गांधी बनाया, तो विपक्ष के समूह में पहले से छोटे उम्मीदवार के बजाय एक नए चेहरे को शुरू करने का प्रयास किया गया है।

विपक्षी दलों के नए चेहरे

अतीत में विपक्ष के बर्बादी के बाद लड़ेगा नेता विपक्ष के समूह में लगातार छोटे नेता चुनाव में पिछड़ चुके हैं। प.बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन के लगातार हार के बाद भाजपा ने दो बार लगातार जीत दिलाई है। हालांकि कांग्रेस ने हरियाणा, महाराष्ट्र और असम में भाजपा के विरुद्ध जीत के बाद उलाहना बर्बादी के बाद लड़ेगा के रूप में लौटकर फिर आक्सीजन मिल गई है। इस प्र