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आसमान में एक साथ गरजे कई देशों के विमान: तरंग शक्ति का भारतीय वायुसेना ने दिखाया शानदार नजारा; क्या है खास?

Published अक्टूबर 7, 2026 · Updated अक्टूबर 7, 2026 · By Jessica Wilson - indianewslive247.com

Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com

आसम न म एक स थ गरजे कई देशों के विमान, तरंग शक्ति 2026 का शानदार प्रदर्शन

Indianewslive247.com – आसम न म एक स थ गरज - आसम न म एक स थ उड़ते कई देशों के लड़ाकू, परिवहन और ईंधन भरने वाले विमानों का दृश्य भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति 2026 की खास झलक बना। भारतीय वायुसेना ने साझा फॉर्मेशन का वीडियो जारी करते हुए इसे भरोसे, सटीकता और आपसी सहयोग का प्रभावशाली प्रदर्शन बताया है।

राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्तूबर तक चल रहा है। इसका विषय ‘पावर इन पार्टनरशिप’ यानी साझेदारी में शक्ति है। अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच संचालन, योजना और संयुक्त अभियानों के लिए बेहतर तालमेल विकसित करना है।

तरंग शक्ति 2026 में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाएं अभ्यास में भाग ले रही हैं। कई अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी जुड़े हैं। अलग-अलग देशों के विमान और एयरक्रू का एक ही हवाई क्षेत्र में समन्वय करना इस अभ्यास की बड़ी चुनौती और उपलब्धि दोनों है।

अभ्यास में एयरक्रू के अलावा मिशन प्लानर और ऑपरेशनल सपोर्ट से जुड़े कर्मी भी शामिल हैं। उन्हें दूसरे देशों की कार्यप्रणाली समझने, अनुभव साझा करने और संयुक्त मिशन की तैयारी के दौरान एक-दूसरे के साथ काम करने का अवसर मिल रहा है।

किन विमानों ने बढ़ाई अभ्यास की ताकत?

तरंग शक्ति में लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं। विदेशी विमानों में F-35 लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A शामिल हैं। अमेरिका के F-35A लाइटनिंग II की भागीदारी विशेष चर्चा में है, क्योंकि भारत में किसी अभ्यास में इस विमान की यह पहली भागीदारी है।

आसम न म एक स थ दिखाई देने वाला फॉर्मेशन केवल दृश्य प्रदर्शन नहीं है। यह बताता है कि अलग-अलग वायुसेनाएं साझा योजना के तहत उड़ान, संचार और मिशन संचालन में किस तरह समन्वय कर सकती हैं।

जर्मनी का A400M क्यों है खास?

जर्मनी ने इस अभ्यास में A400M सैन्य परिवहन विमान भेजा है। जर्मन वायुसेना के कैप्टन मॉरिस बर्न्स के अनुसार, A400M को बड़े लड़ाकू विमान अभियानों, यानी लार्ज फोर्स एंगेजमेंट, में भी शामिल किया जा रहा है। इसका अर्थ है कि यह विमान केवल सामान या सैनिकों के परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक हवाई अभ्यास का सक्रिय हिस्सा है।

कैप्टन बर्न्स ने A400M को जर्मन वायुसेना के राष्ट्रीय बेड़े की रीढ़ बताया। यह भारी मालवाहक विमान सामरिक और लॉजिस्टिक, दोनों प्रकार के मिशनों को अंजाम दे सकता है। भारतीय वायुसेना की योजना प्रक्रिया और बड़े हवाई अभ्यासों के संचालन को समझना भी जर्मन दल के लिए अहम अनुभव रहा है।

उड़ान से आगे भी है अभ्यास का दायरा

तरंग शक्ति 2026 केवल विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं है। इसमें हवाई सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और संचालन प्रक्रियाओं पर पेशेवर संवाद भी शामिल हैं। सेमिनार, औद्योगिक दौरे, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों की यात्रा और योग सत्र जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं।

तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित हुआ था। 2026 का आयोजन उसी प्रयास को आगे बढ़ाता है, जिसमें भारत और साझेदार देश संयुक्त हवाई अभियानों के लिए अपनी क्षमताओं तथा तालमेल को मजबूत कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तरंग शक्ति 2026 कहां आयोजित हो रहा है?

यह बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित हो रहा है।

तरंग शक्ति 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका लक्ष्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच संयुक्त योजना, संचालन प्रक्रिया, अनुभव साझा करने और आपसी तालमेल को बेहतर बनाना है।

आसम न म एक स थ फॉर्मेशन का क्या महत्व है?

यह फॉर्मेशन दिखाता है कि विभिन्न देशों के विमान और एयरक्रू साझा योजना के आधार पर सटीक तथा समन्वित ढंग से संचालन कर सकते हैं।

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