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अमित शाह के खिलाफ असंसदीय टिप्पणी पर फंसे राहुल गांधी: विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी, कब तक देना होगा जवाब?

Published अगस्त 15, 2026 · Updated अगस्त 15, 2026 · By Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

राहुल गांधी को विशेषाधिकार हनन नोटिस: अमित शाह पर असंसदीय टिप्पणियों पर जवाब मांगा गया

Indianewslive247.com – अम त श ह क ख ल - लोकसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दो नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। ये नोटिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई कथित असंसदीय टिप्पणियों से जुड़े हैं। संयुक्त सचिव एच. राम प्रकाश द्वारा 14 अगस्त को जारी पत्र में इस संबंध में जानकारी दी गई है।

दोनों सांसदों द्वारा दर्ज किए गए नोटिस

इन नोटिसों को भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल ने दर्ज कराया है। दोनों ही सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के आरोप लगाए हैं।

अनुराग सिंह ठाकुर ने 30 जुलाई को अपना नोटिस दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री के लिए "असंसदीय और अपमानजनक भाषा" का प्रयोग किया। साथ ही, उन्होंने "गंभीर आरोप" भी लगाए। ठाकुर ने यह भी बताया कि इन आरोपों को नियम 353 के तहत पहले से नोटिस दिए बिना उठाया गया।

इसके विपरीत, संजय जायसवाल ने 29 जुलाई को एक अलग पत्र में राहुल गांधी द्वारा असंसदीय शब्दों के प्रयोग का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया।

विधेयक पर चर्चा के दौरान हुई टिप्पणी

यह मामला सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा से जुड़ा है। लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को 28 अगस्त तक अपना जवाब या टिप्पणी देने का निर्देश दिया है। इस समय सीमा के बाद इस मामले को "माननीय लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ" रखा जाएगा।

सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना संसदीय लोकतंत्र की एक वैध और जरूरी विशेषता है। लेकिन व्यक्तिगत हमले और ऐसी भाषा का इस्तेमाल, जो अपमानजनक, मानहानिकारक या अन्यथा असंसदीय हो, इस सदन की कार्यवाही में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संजय जायसवाल ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया कि गांधी द्वारा की गई टिप्पणियां "आपत्तिजनक, अपमानजनक और संसदीय कार्यवाही की स्थापित परंपराओं के अनुरूप नहीं" थीं।

नियमों के तहत कार्रवाई की मांग

जायसवाल ने नियम 352 और 353 का भी उल्लेख किया। ये नियम चर्चा के दौरान मानहानिकारक या आरोप लगाने वाले बयानों और किसी व्यक्ति के आचरण से संबंधित संदर्भों से जुड़े हैं।

साथ ही, उन्होंने नियम 380, 373, 374 और 374ए का भी हवाला दिया। इन नियमों के तहत अध्यक्ष असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दे सकते हैं। अव्यवस्थित आचरण या पीठ के अधिकार की अवहेलना के मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है।

जायसवाल ने नियम 380 के तहत ऐसी किसी भी टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया, जिसे असंसदीय, अपमानजनक या सदन के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन करने वाला पाया जाए।

साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी को सदन की गरिमा, संयम और मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी देने की भी मांग की। अगर उनके आचरण को अव्यवस्थित या पीठ के अधिकार की लगातार अवहेलना करने वाला पाया जाता है, तो नियम 373, 374 या 374ए के तहत आगे की कार्रवाई पर विचार करने का अनुरोध किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अमित शाह पर राहुल गांधी के खिलाफ कौन से नोटिस दर्ज किए गए हैं? भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल ने अलग-अलग नोटिस दर्ज किए हैं। ठाकुर ने 30 जुलाई और जायसवाल ने 29 जुलाई को नोटिस दिए थे।

राहुल गांधी को जवाब देने की अंतिम तिथि कब है? लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को 28 अगस्त तक अपना जवाब या टिप्पणी देने का निर्देश दिया है।

कौन से संसदीय नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है? नियम 352, 353, 373, 374, 374ए और 380 का उल्लंघन माना जा रहा है। ये नियम असंसदीय भाषा और मानहानिकारक टिप्पणियों से संबंधित हैं।

अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी किस विधेयक पर चर्चा के दौरान हुई? सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की गई थी।

अगर राहुल गांधी समय पर जवाब नहीं देते तो क्या होगा? 28 अगस्त के बाद इस मामले को "माननीय लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ" रखा जाएगा और अध्यक्ष उचित कार्रवाई करेंगे।

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