NEET: नीट री-एग्जाम पेपर लीक के नाम पर साइबर ठगी करने वाले Telegram गैंग का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
NEET री-एग्जाम साइबर ठगी मामला खुल, दो आरोपी गिरफ्तार
NEET - नीट परीक्षा के री-एग्जाम में साइबर ठगी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले टेलीग्राम गैंग के खिलाफ एक बड़ा अपराध खुल गया है। एजेंसी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो छात्रों और अभिभावकों को री-नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के नाम पर धोखा देकर धन वसूल करते थे। इन आरोपियों ने टेलीग्राम चैनल, आईडी और ऑनलाइन समूहों के माध्यम से छात्रों को भ्रामित करते थे, जिसमें नीट के संदर्भ में गलत जानकारी के संदेश प्रसारित किए जाते थे।
आरोपियों की पहचान तकनीकी विश्लेषण के बाद हुई
पुलिस आयुक्त शरद सिंघल के अनुसार, इस मामले में री-नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि छात्रों को नीट री-एग्जाम के लिए अपाचे पेपर लीक करने के नाम पर धोखा दिया जा रहा था। दो आरोपियों के नाम सुमेर सिंह मीणा और आकाश मीणा हैं, जिन्होंने टेलीग्राम समूहों का उपयोग कर छात्रों को प्रेरित किया जा रहा था।
"नीट री-एग्जाम के लिए धोखाधड़ी करने वाले गैंग की बात करें तो वे छात्रों को जानकारी छिपाकर पैसे वसूल करते थे।" - पुलिस आयुक्त शरद सिंघल
ठगी के माध्यम से धन वसूली की विधि
आरोपियों ने छात्रों और अभिभावकों को बेवकूफ करने के लिए फर्जी विज्ञापन छापे जाते थे। इन धोखाधड़ी के लिए उन्होंने नीट री-एग्जाम के बारे में छात्रों के बीच अजीब संदेशों का उपयोग किया, जिसमें अपाचे विज्ञापनों के बारे में गलत जानकारी दी जाती थी। आरोपियों ने नीट के लिए अपने समूहों में छात्रों को प्रेरित करते थे, जिसके बाद वे अपनी खाता बैंक खातों में धन जमा कराते थे।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने नीट री-एग्जाम के लिए फर्जी चैनल बनाए जाते थे, जिनमें निवेश करने के बारे में छात्रों को तेजी से विज्ञापन करते थे। इन समूहों में छात्रों की गैर-वास्तविक लगाम बढ़ाने के लिए उन्होंने तीसरे पार्टी सेवाओं का इस्तेमाल किया। यह धोखाधड़ी छह बैंक खातों और 12 शिकायतों के माध्यम से फैली।
गतिविधियों के खुलासा और प्रभाव
अपराध की जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने नीट के री-एग्जाम में अपनी जानकारी छिपाने के लिए अलग-अलग वेबसाइट संचालित कर रहे थे। आकाश मीणा के मोबाइल फोन से बाहर आए साक्ष्यों के अनुसार, गैंग ने नीट री-एग्जाम के लिए छात्रों को लोकप्रियता बनाने के लिए फर्जी आईडी का उपयोग किया।
एजेंसी ने ध