भारतीय टीम का विश्व कप अभियान खत्म: बाहर होते ही छलका हरमनप्रीत का दर्द, बोलीं- बहुत कुछ बदलने की जरूरत है
भारत के विश्व कप यात्रा समाप्त हो गई: हरमनप्रीत कौर ने अपनी दुखद हार पर चिंता जताई
भ रत य ट म क व - भारत ने विश्व कप के एक मैच में छह अंक रखे और ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई। लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 170 रन बना सकी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बल्लेबाजी में चालाकी दिखाई और 19 ओवर में लक्ष्य पूरा कर लिया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी छलकी हुई चिंता के बारे में बोला।
गंवाई अवसर और अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दिया
हरमनप्रीत ने बताया कि टीम ने अच्छी टीमों के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, “हमने बोर्ड पर अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन इसके लिए पर्याप्त रहा। अंतिम दो ओवरों में हम थोड़ा बेहतर स्थिति में पहुंच गए, लेकिन जीत के लिए आखिरी ओवरों में रन गति कम रही।”
मैं बल्लेबाजी करते समय लगा कि हम थोड़ा पीछे हैं, लेकिन आखिरी ओवरों ने हमें अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया। हमें इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की गेंदबाजी और बल्लेबाजी के प्रदर्शन पर उनकी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया ने अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी की। हमने विकेट नहीं गंवाए, लेकिन रन बनाने में विफल रहे। इस बार कैच नहीं, हमारे प्रदर्शन में कमी रही।”
पहले मैचों में कैच छोड़ना महंगा पड़ा, लेकिन आज हम थोड़ा अधिक आगे रहे। फिर भी हम अपने मानकों के अनुसार खेलने में असमर्थ रहे।
हरमनप्रीत कौर ने डेथ ओवरों में टीम की कमजोरी भी बताई। उन्होंने कहा, “डेथ ओवरों में हम लगातार दबाव में पिछड़ रहे हैं। गेंदबाजी या बल्लेबाजी में भी अंतिम ओवरों में रन गति कम रही। यह समस्या काफी समय से चल रही है।”
अंतिम ओवर की बहुत गहरी चिंता
भारतीय कप्तान ने अंतिम ओवरों की रन गति पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा, “हम अच्छी टीमों के खिलाफ अंतिम ओवर में जरूरी रन बना नहीं पाए। यह अंतर्राष्ट्रीय मैचों में बहुत अहम बात है। अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते तो ऐसा नहीं होता।”
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप-ए से सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया, जबकि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ग्रुप-बी से आगे बढ़ गए। हरमनप्रीत कौर ने 27 गेंदों में नाबाद 56 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन इस स्थिति में भी जीत के लिए पर्याप्त नहीं रहा।