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UP Cab Policy: ड्राइवर बुकिंग कैंसिल करेगा तो ट्रिप का किराया उसे ही भरना होगा, लागू होगी नई एग्रीगेटर पॉलिसी

Published जुलाई 11, 2026 · Updated जुलाई 11, 2026 · By Elizabeth Smith

UP कैब नीति: ड्राइवर कैंसिल करेंगे तो ट्रिप का किराया उन्हें ही अदायगी होगी

नई एग्रीगेटर पॉलिसी के लागू होने के साथ यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा के नियम तैयार

UP Cab Policy - उत्तर प्रदेश कैब पॉलिसी (UP Cab Policy) के नए नियमों के लागू होने के बारे में अपडेट आ रहे हैं। इस नीति के तहत, यदि कोई ड्राइवर बुकिंग कैंसिल करता है, तो उसे ट्रिप का किराया अदा करना पड़ेगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा देना और कैब सेवा के वित्तीय आधार पर एक नई संरचना तैयार करना है। एग्रीगेटर्स (एग्रीगेटर पॉलिसी) के लिए जारी किए गए निर्देशों के आधार पर इस नीति को लागू कर दिया गया है, जो विभिन्न परिस्थितियों में टैक्सी सेवा के वित्तीय लाभों को नियंत्रित करेगी।

बुकिंग कैंसिल करने पर ड्राइवर की जिम्मेदारी बढ़ेगी

नई नीति के अनुसार, यात्रियों के बुकिंग कैंसिल करने पर ड्राइवर को ट्रिप के बर्बाद होने वाले किराये का भाग लेना पड़ेगा। इसका मतलब है कि यदि एग्रीगेटर के अंतर्गत एक ड्राइवर राइड बुक करने वाले आवेदकों के बीच अनिवार्य रूप से कैंसिल करता है, तो उसे निर्धारित किराये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, ड्राइवरों को नियमित समय पर बुकिंग के लिए वाहन उपलब्ध कराना आवश्यक होगा, अन्यथा उन पर न्यूनतम 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस नीति के माध्यम से यात्रियों को ट्रिप रद्द करने के बारे में बेहतर समझ आएगी, जबकि ड्राइवर के लिए जिम्मेदारी अधिक स्पष्ट हो जाएगी।

इस पॉलिसी के तहत, यात्री बुकिंग कैंसिल करते हैं तो उन्हें 100 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा, जो एग्रीगेटर पॉलिसी के एक महत्वपूर्ण अंग है। नियमों के अनुसार, ड्राइवर यात्रियों के लिए निर्धारित एग्रीगेटर कैब रिजर्वेशन के लिए जिम्मेदार रहेंगे, जिससे उनके बीच अनुमति और अपेक्षाएं स्पष्ट हो जाएंगी। इस नीति के अनुसार, कैब ऑपरेटर अपने ग्राहकों के बीच अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकेंगे, जैसे कि ड्राइवरों के लिए नियमित समय पर वाहन आवंटन के लिए आवश्यकता होगी।

संचालन के नियम और लाइसेंस शुल्क बढ़ेगा

उत्तर प्रदेश कैब नीति के अनुसार, एग्रीगेटर्स को वाहन संचालन के लिए राज्य सरकार से लाइसेंस लेना आवश्यक होगा। इसके लिए लाइसेंस शुल्क पांच लाख रुपये तथा नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में 50 लाख रुपये तक की राशि लगाई जा सकती है, जो ड्राइवरों की गतिविधियों को नियंत्रित करेगी। इस नीति के तहत, ड्राइवर के नशा करते हुए राइड बुक करने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

“UP कैब नीति अब से जल्द लागू होगी, जिसके तहत ड्राइवर बुकिंग कैंसिल करते हैं तो ट्रिप का किराया उन्हें ही अदायगी होगा।” डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एसटीए सगीर अहमद अंसारी ने कहा।

नई नीति के तहत, ड्राइवरों को न्यूनतम पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस के लाभ मिलेंगे। इस एग्रीगेटर पॉलिसी के अनुसार, कैब ऑपरेटर के बीच नियमित समय पर वाहन आवंटन के लिए आवश्यकता होगी, जो यात्रियों के लिए विश्वसनीयता बढ़ाएगी। इस पॉलिसी के नियम तैयार करने में राइड बुक करने वाले आवेदकों की आवश्यकता के आध