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UP: ’16-16 घंटे खटवाया, मजदूरी तक नहीं दी’, रोते हुए मजदूरों ने बयां किया दर्द; ईंट भट्ठे का काला सच आया सामने

Published जुलाई 6, 2026 · Updated जुलाई 6, 2026 · By David Miller

UP: 15 परिवारों के मजदूर बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए, अपने दर्द का खुलासा

UP - उत्तर प्रदेश (UP) के हापुड़ जिले में एक ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी के मामले में बादौन से लगातार 16 घंटे काम कराए जाने वाले 15 परिवारों के मजदूरों को राहत दी गई। डीएम कविता मीना के निर्देश पर श्रम विभाग और न्यायिक टीम ने गंभीर कार्रवाई की और ईंट भट्ठे से मजदूरों को अपने घर वापस भेज दिया गया। इस घटना ने उत्तर प्रदेश के श्रम दुर्व्यवस्था के अंतर्गत लगातार विरोध उत्पन्न किया, जिसमें बंधुआ मजदूरी के दर्द के बारे में बयां किया गया।

बंधुआ मजदूरों की बयानबाजी

ईंट भट्ठे पर काम करते हुए बंधुआ मजदूरों ने अपनी गंभीर असुविधाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे लगातार 16 घंटे काम कराए जाते रहे और अपनी मजदूरी तक नहीं दी गई। महिलाओं ने रोते हुए कहा कि ईंट भट्ठे के तहत उनके साथ श्रम देने के बजाय जबरन कार्य कराए जाते रहे। यह प्रकरण उत्तर प्रदेश में बंधुआ मजदूरी के बारे में एक नई रिपोर्ट जारी करने के लिए बर्बाद हो चुका है।

सरकार की गतिविधियां और अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले के बाद जिलेभर में श्रम अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ईंट भट्ठा, क्रेशर और विभिन्न उद्यमों की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बंधुआ मजदूरी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के नियमों के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक ईंट भट्ठे के कार्यालय से बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है।

उत्तर प्रदेश के श्रम निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने कहा कि बंधुआ मजदूरी के दर्द को ध्यान में रखते हुए अपने अधिकारियों को लगातार अलर्ट दिया जा रहा है। इस मामले में बंधुआ श्रम अधिनियम और वेतन भुगतान अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश के न्यायालय में वाद दायर कराया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग ने बताया कि ईंट भट्ठे में काम कराए जाने वाले बंधुआ मजदूरों के बारे में जांच के लिए विस्तृत अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बंधुआ मजदूरी के खिलाफ जिला श्रम अधिनियम उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के लिए एक नई विधि के रूप में लागू किया गया है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में ईंट भट्ठा और कारखानों की जांच के लिए बाहर जाने की आवश्यकता है।

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश में बंधुआ मजदूरी के बारे में जनजागरूकता बढ़ी है। बंधुआ मजदूरों के अधिकार के संबंध में उत्तर प्रदेश के श्रम अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के निर्माताओं को निर्देश दिया गया है। इस बारे में उत्तर प्रदेश के राज्य विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए अधिक जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश में ईंट भट्ठा श्रम दुर्व्यवस्था के दर्द को ध्यान में रखते हुए एक विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत बंधुआ मजदूरी के मामलों की जांच और उत्तर प्रदेश के श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। ईंट भट्ठा में बंधुआ मजदूरों को अपनी रोटी और मजदूरी के बारे में जांच के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अतिरिक्त