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UP: अजय राय बोले- BJP-RSS ने शिलापूजन के नाम पर खूब पैसे वसूले, राम मंदिर में 1,400 करोड़ की चोरी हुई

Published जून 16, 2026 · Updated जून 16, 2026 · By Elizabeth Smith

UP: BJP-RSS के शिलापूजन नाम पर 1,400 करोड़ की धनराशि अर्जित करने के आरोप

UP - उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि भाजपा-आरएसएस ने श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर बड़ी मात्रा में धनराशि एकत्र करने के लिए लोगों की आस्था का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के दौरान लगभग 1,400 करोड़ रुपए की रकम लूट ली गई है और इसे धर्म के नाम पर छिपाने की कोशिश की गई है। राय ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि अधिकांश धनराशि नृपेंद्र मिश्रा के जरिया एकत्र की गई, जो नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव रहे हैं।

राम मंदिर के नाम पर चोरी के आरोप बढ़े

अजय राय ने आरोप लगाया कि शिलापूजन के नाम पर जो पैसा एकत्र किया गया, उसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। इस आरोप में कहा गया है कि अधिकांश राशि लगभग 1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा है और इसे विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल जी के पास जाने के बाद लूट ले गए। राय ने आग्रह किया कि इस मामले में उच्च न्यायालय के सिटिंग जज के द्वारा समयबद्ध जांच कराई जाए, जिससे धर्म के नाम पर छिपाए गए पैसे के उपयोग के प्रति स्पष्टीकरण मिल सके।

उत्तर प्रदेश में शिलापूजन कार्यक्रम में राम मंदिर के निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल जी बर्बादी के मामले में साफ जवाब देने के लिए कहे गए हैं। राय ने कहा कि ट्रस्ट में गोपाल राव ने अपनी ओर से माल लेकर चंपत राय हो गए और इसके बाद आरएसएस के संबंधित व्यक्तियों को ट्रस्ट में पद दिए गए। इसके बाद भाजपा सरकार ने एक SIT गठित कर लूट की जांच शुरू कर दी है।

इस आरोप के बारे में बहस बढ़ती जा रही है। अजय राय के आग्रह के बावजूद SIT में एक अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राय के अनुसार, इस घटना के कारण लोगों की आस्था की बर्बादी हुई है और इसके बाद भगदड़ की जांच चल रही है। यह घटना उत्तर प्रदेश के समाज और राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

ट्रस्ट के संचालन में आरएसएस की भूमिका

श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के संचालन में आरएसएस की गहरी छाप देखने को मिलती है। राय ने कहा कि ट्रस्ट के चेयरमैन के रूप में रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इस गठबंधन के बर्बादी के प्रतीक है। विश्व हिंदू परिषद के साथ संयुक्त कार्य में आरएसएस के नेता अनिल मिश्रा भी शामिल हैं।

इस बारे में उत्तर प्रदेश के नागरिकों और राजनीतिक दलों में बहस तेजी से बढ़ रही है। लोग तर्क देते हैं कि इस घटना के कारण धर्म की आस्था का लाभ लिया गया है और धनराशि की लूट की जांच के लिए एक आवश्यकता है। राय के अनुसार, लोगों के धन का अधिकांश हिस्सा लूट के बर्बादी के लिए विश्व हिंदू परिषद के नेता के खाते में जाता है।

उत्तर प्रदेश में शिलापूजन के नाम पर धनराशि वसूल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों की धारणा है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी मात्रा में लूट ली गई है और धर्म के नाम पर उनकी आस्था को बेचा गया है। इस घटना के बारे में अजय राय का तर्क है कि धनराशि की लूट के ब