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Uma Shankar Singh: मायावतीं बोलीं- वह हमेशा वफादार रहे, कभी नहीं छोड़ा साथ; पिता की विरासत संभालेंगे यूकेश?

Published अगस्त 7, 2026 · Updated अगस्त 7, 2026 · By Daniel Davis - indianewslive247.com

Foto : Daniel Davis - indianewslive247.com

उमाशंकर सिंह का निधन: मायावती भावुक, बोलीं- वह हमेशा वफादार रहे

Indianewslive247.com – बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार की शाम को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उमाशंकर सिंह की मौत के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार को गोमतीनगर स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां विभिन्न दलों के नेताओं ने जाकर अंतिम दर्शन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मायावती सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव को बलिया के रसड़ा स्थित उनके पैतृक निवास को भेजा गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उमाशंकर सिंह को याद किया।

मायावती की भावुकता और उमाशंकर की यादें

मायावती शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान आंसू बहा रही थीं। उन्होंने उमाशंकर सिंह को बसपा का सच्चा सिपाही बताया।

उमाशंकर बसपा के सच्चे सिपाही थे। वह मुझे सगे भाई की तरह मानते थे। तबीयत खराब होने पर मैं बीते दिनों उनसे मिलने आई थी। फिर वह खुद मेरे घर आ गए तो मैंने कहा कि आप क्यों आए, मैं खुद आ जाती।

मायावती ने आगे कहा कि पार्टी को उमाशंकर सिंह की मौत से बड़ी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि उमाशंकर ने बसपा से जुड़ने के बाद पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

उमाशंकर जब से बसपा से जुड़े, पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। कभी बसपा को धोखा नहीं दिया। वह एक बिजनेसमैन थे। पार्टी में आए उतार-चढ़ाव के दौरान कई लोग चले गए, लेकिन उमाशंकर सिंह ने साथ नहीं छोड़ा।

मायावती ने बताया कि उमाशंकर चाहे जहां रहें, हमेशा रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने आते थे। उन्होंने पार्टी के साथ अपने क्षेत्र और समाज का भी हमेशा ध्यान रखा। अब अगर उमाशंकर सिंह का बेटा राजनीति में आना चाहेगा तो उसे पूरा सहयोग करेंगे।

हर दल के नेता पहुंचे श्रद्धांजलि देने

उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने हर दल के नेता पहुंचे। इनमें उनके प्रतिद्धंद्धी माने जाने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी थे, हालांकि उन्होंने कहा कि मैंने अपना मित्र खो दिया। बलिया के विकास में उमाशंकर सिंह का बड़ा योगदान था।

इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, संजय निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, सपा विधायक संग्राम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद आदि भी अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

उमाशंकर सिंह के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमाशंकर सिंह कब और कहाँ निधन हो गए? उमाशंकर सिंह का बुधवार की शाम को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

मायावती ने उमाशंकर सिंह के बारे में क्या कहा? मायावती ने उमाशंकर सिंह को बसपा का सच्चा सिपाही बताया और कहा कि वह हमेशा वफादार रहे और कभी बसपा को धोखा नहीं दिया।

उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार कहाँ होगा? उनके पार्थिव शरीर को बलिया के रसड़ा स्थित उनके पैतृक निवास को भेजा गया है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।

क्या उमाशंकर सिंह का बेटा राजनीति में आएगा? मायावती ने बताया कि अगर उमाशंकर सिंह का बेटा राजनीति में आना चाहेगा तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।

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