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Save Yamuna: यमुना की सफाई के लिए आज 28 घाटों पर बड़ा अभियान, गीता कॉलोनी से सीएम रेखा गुप्ता संभालेंगी मोर्चा

Published जून 14, 2026 · Updated जून 14, 2026 · By Patricia Gonzalez

Save Yamuna: 28 घाटों पर रविवार को बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान

Save Yamuna के लिए दिल्ली एनसीआर में यमुना नदी के 28 घाटों पर रविवार को एक व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस गतिविधि में लोगों के साथ-साथ सरकारी अधिकारी, विधायक, राज्यसभा सदस्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यमुना के संरक्षण के लिए नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नेतृत्व में शुभारंभ

रविवार को अभियान के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गीता कॉलोनी घाट (ठोकर नंबर-14) से नेतृत्व करेंगी। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी शामिल रहेंगे। इस दिन लोगों को प्लास्टिक कचरा एवं अपशिष्ट पदार्थ के नदी में न डालने के लिए एक संकल्प दिलाया जाएगा।

इस अभियान के माध्यम से यमुना की सफाई की गतिविधियों में स्थायी सुधार की अपेक्षा की जा रही है। लगभग 12 टन कचरा के संग्रहण के बाद भी पिछले वर्ष नदी की स्थिति में अपेक्षित परिवर्तन नहीं दिखा, इसलिए इस बड़े पैमाने पर उद्योग बर्बाद हुए पानी के नियंत्रण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए लक्ष्यों को अपनाया गया है।

गतिविधि के उद्देश्य और लक्ष्य

इस गतिविधि के दौरान यमुना नदी के विभिन्न घाटों पर लाखों स्वयंसेवक श्रमदान करेंगे। वजीराबाद, निगम बोध घाट, सिग्नेचर ब्रिज एवं सराय काले खां घाट जैसे स्थानों पर अभियान की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसे एक लंबी अवधि के लिए संचालित करने के लिए संसाधन एवं समन्वय की आवश्यकता है।

“Save Yamuna अभियान केवल सरकार के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जिम्मेदारी भी शामिल है,” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गतिविधि के द्वारा यमुना की गंदगी और अपशिष्ट पदार्थ के प्रसार को रोकने की कोशिश की जाएगी। इस अभियान में पानी की बचत, कचरा नियंत्रण एवं जन-सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। इसके द्वारा नदी की स्थिति में लगातार सुधार करने की उम्मीद है।

अभियान के दौरान शामिल लोगों को स्थानीय आयोजन एवं जल प्रदूषण के लिए जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यमुना के घाटों पर अपशिष्ट एवं बर्बाद हुए पानी के नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस आंदोलन के बारे में लगातार चर्चा एवं समाचार भी चलाए जाएंगे।