Raja Raghuvanshi Case: SC में सोनम का जवाब – मैं निर्दोष हूं, जमानत रद्द करने की याचिका पर दिया हलफनामा
राजा रघुवंशी मामला: सोनम का जवाब - मैं निर्दोष हूं, जमानत रद्द करने की याचिका पर दिया हलफनामा
Raja Raghuvanshi Case - हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या कराने के लिए आरोपी बनाए गए सोनम रघुवंशी ने अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया हलफनामा में अपनी चुप्पी तोड़ दी है। इस मामले में जमानत लेकर जेल से बाहर रह रही उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित हैं और उनका हत्या की घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
चार्जशीट में क्या आरोप हैं?
गाजीपुर से सोनम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश की थी। इसमें लगाया गया आरोप है कि उन्होंने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के दावे के अनुसार, राज कुशवाह ने हत्या के लिए अपने तीन साथियों को शिलांग भेजा था, जहां चारों ने मिलकर पहले राजा रघुवंशी की हत्या कर दी और बाद में शव को खाई में फेंक दिया।
“मैं निर्दोष हूं और इस मामले में मुझे झूठ फंसाया गया है,” सोनम के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में कहा। उन्होंने अदालत से बताया कि आरोप केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर लगाए गए हैं और इनके आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
जमानत रद्द करने के लिए सरकार की याचिका
मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। फिलहाल अदालत ने जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है, जबकि सोनम की गिरफ्तारी के दौरान दर्ज की गई धाराओं में टाइपिंग संबंधी त्रुटि के कारण शिलांग की निचली अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर दी थी। इसके बाद सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
अब सुप्रीम कोर्ट में बहुचर्चित मामले की सुनवाई गुरुवार को निर्धारित की गई है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क पेश करेंगे। सोनम की ओर से दाखिल हलफनामा में बताया गया है कि उन्हें बस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बनाया गया है, जबकि वास्तविक घटना में उनका कोई योगदान नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में आरोपियों की ओर से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सोनम को नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में उन्होंने हलफनामा दाखिल किया। इसमें उन्होंने आगे दावा किया कि हत्या के मामले में उनके लेन-देन का कोई संबंध नहीं है और जांच एजेंसी के द्वारा उन्हें आरोपी बनाए जाने की वजह सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्य है।
सभी नजरें अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और फैसले पर टिकी हुई हैं, जिसके बारे में जल्द ही आगे की खबर आएगी।