Rahul Gandhi: मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत, लिखित खेद आवेदन स्वीकार; हाईकोर्ट ने प्रकरण किया निरस्त
राहुल गांधी के मानहानि मामले का निर्णय: हाईकोर्ट ने प्रकरण निरस्त कर दिया
लिखित खेद आवेदन के बाद निर्णय आया
Rahul Gandhi - मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले का निर्णय लेते हुए इसे लेखित खेद आवेदन के बाद अंतिम रूप से निरस्त कर दिया। राहुल गांधी के बयान में गलत तौर पर शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के नाम का उल्लेख होने के कारण वह अपने खेद के व्यक्ति आवेदन दायर कर रहे थे। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के बयान ने शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
मामले की प्रक्रिया और बयान के संदर्भ
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस मामले को निरस्त कर दिया, जिसके बाद राहुल गांधी के लेखित खेद आवेदन के प्रमाण के आधार पर अधिकारियों ने निर्णय लिया। इस आवेदन में राहुल गांधी ने घोषणा की कि उनका बयान शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के नाम का उल्लेख करने के लिए था, जिसमें गलत तरीके से शिकायतकर्ता के नाम का उपयोग हुआ था।
इस प्रकरण में राहुल गांधी के बयान को अपनी लोकसभा नेता प्रतिपक्ष की पहचान बनाने के लिए चुनावी सभा में उपलब्ध जानकारी पर आधारित बताया गया। बयान के बारे में राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने तथाकथित पनामा पेपर्स मामले के संदर्भ में कार्तिकेय सिंह का उल्लेख करने की उद्देश्यपूर्वक कोशिश की थी, लेकिन इसके फलस्वरूप शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा पर दुरूह छाप लगी।
“हम अपने बयान के कारण शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के नाम का गलत तौर पर उल्लेख करने के लिए खेद व्यक्त करते हैं। हमारा उद्देश्य तथाकथित पनामा पेपर्स मामले के संदर्भ में शिवराज सिंह चौहान के पुत्र के नाम का उल्लेख करना था।”
अधिवक्ता के आवेदन और हाईकोर्ट के प्रतिक्रिया
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पैरवी करते हुए राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में विवाद जताया। लेकिन हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के लेखित खेद आवेदन के आधार पर यह निर्णय लिया कि बयान में गलत तौर पर शिकायतकर्ता के नाम का उल्लेख नहीं हुआ था।
राहुल गांधी के आवेदन में यह स्पष्ट किया गया कि उनके बयान के कारण शिकायतकर्ता की आयु निर्धारित करने के लिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर गलतफहमी उत्पन्न हो गई। इस प्रकरण के निर्णय ने राहुल गांधी के लेखित खेद आवेदन को विस्तार से स्वीकृत कर लिया गया।
इसके बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मामले को निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय से राहुल गांधी के मानहानि मामले में एक बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की ओर से जारी निर्णय द्वारा राहुल गांधी के लेखित खेद आवेदन की स्वीकृति दी गई।
इस मामले का निर्णय राहुल गांधी के पक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। यह निर्णय आयोजित चुनावी सभा के बयान के आधार पर गलत तौर पर ले लिए गए नाम के बारे में आपत्ति लेकर अंतिम रूप से प्रकरण को निरस्त करने की अनुमति दिया गया। इस निर्णय के साथ राहुल गांधी की ओर से जारी लिखित खेद आवेदन के बाद मामले के अंतिम चरण में आराम मिल गया।