Omkareshwar News: ममलेश्वर मंदिर की दान राशि पर उठे सवाल, एक साल से सार्वजनिक नहीं हुआ आय-व्यय का हिसाब
ममलेश्वर मंदिर दान राशि खुलासा नहीं, जनता भरोसा उठा रही है
Omkareshwar News - ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं के द्वारा जमा किए गए दान के उपयोग पर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। महंत मंगलदास त्यागी ने घोषणा की है कि दान राशि के आवंटन के बारे में जनता को जानकारी देना आवश्यक है, क्योंकि यह श्रद्धालुओं की अमानत माना जाता है। उन्होंने कहा कि धन के पूरे उपयोग का प्रकाशन विश्वास को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
दान पेटियों के आय-व्यय बारे में जनता के संदेह
ममलेश्वर मंदिर की दान राशि के आवंटन के बारे में जनता को समय-समय पर जानकारी देना आवश्यक है। एसएमएस के माध्यम से श्रद्धालुओं को सिर्फ 15 लाख या 16 लाख रुपये के आंकड़े दिए जाते हैं, जबकि विस्तृत विवरण केवल सदस्यों के लिए ही सामने आते हैं।
महंत मंगलदास त्यागी ने बोला कि धन के उपयोग के बारे में पारदर्शिता जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उनके अनुसार, वर्ष 2025 में मंदिर के नियमों में बदलाव किया गया था, जिसके बाद दान राशि के आवंटन के बारे में जनता के लिए कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।
मंदिर प्रबंधन समिति के प्रतिक्रिया
भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा ने कहा कि मंदिर प्रबंधन समिति के गठन के बाद जनता के लिए आय-व्यय के विवरण की आवश्यकता है। उन्होंने ताकिद की कि एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन दान पेटियों में जमा धन के उपयोग के बारे में कोई पूर्ण खुलासा नहीं किया गया।
मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य दूल्हे सिंह दरबार ने बताया कि दान पेटियां हर माह खोली जाती हैं, लेकिन विस्तृत विवरण आम लोगों तक नहीं पहुंचते। उनके अनुसार, बाकी धन के बारे में श्रद्धालुओं को सिर्फ SMS के माध्यम से सूचित किया जाता है, जो जनता के लिए आंकड़ों की अस्पष्टता फैलाता है।
अहिल्या ट्रस्ट के प्रतिक्रिया
अहिल्या ट्रस्ट के रुद्र दीक्षित ने कहा कि मंदिर के धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 से पहले दान राशि के उपयोग के बारे में जनता के समक्ष निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक इसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है।
इस मामले में प्रशासन ने मंदिर में दान पेटियों के गठन के बाद एक समिति का गठन किया गया था। लेकिन अब तक इस समिति के सदस्यों को आय-व्यय के विवरण के संबंध में कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। एक वर्ष पहले इस परिवार की दान पेटियां हटा दी गई थी, जिसके बाद अपने कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई।
Omkareshwar News के अनुसार, जनता द्वारा ममलेश्वर मंदिर के धन वितरण के पारदर्शिता के लिए निरंतर आवाहन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के दान के उपयोग के बारे में जानकारी जनता के लिए आवश्यक है, जिसके बिना जनता के भरोसा उठ रहे हैं।