Noida Fire: धमाका हुआ और छह मिनट में भूतल से 5वीं मंजिल तक पहुंची आग, कई लोग छत से कूदे; PG अग्निकांड की कहानी
नोएडा अग्निकांड: एसी बैटरी के धमाके से भूतल से पांचवीं मंजिल तक फैली आग, दो लोगों की मौत
हादसे की विवरण
Noida Fire - बुधवार सुबह 11:30 बजे नोएडा के सेक्टर-66 में स्थित ममूरा गांव के पेइंग गेस्ट भवन में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी के धमाके से आग लग गई। नोएडा अग्निकांड के इस घटना में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि लगभग 100 लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। आग ने छह मिनट में ही भूतल से पांचवीं मंजिल तक फैल दी और बचाव अभियान के दौरान कई लोग छत से कूदे।
जांच और अग्निशमन के लगातार प्रयास
आग लगने के बाद धुआं तेजी से विस्फोट के कारण इमारत में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने कमरे या बालकनी में फंसे हुए थे, जिसके कारण दमकल कर्मियों के राहत कार्य में दिक्कतें आईं। चार घंटे तक चले बचाव अभियान में पुलिस और दमकल के संयुक्त प्रयास से लोगों को निकाला गया। घटना के बाद पीजी संचालक कृष्णा कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी की गई।
"जिस बिल्डिंग में आग लगी वह सघन इलाका है। गलियां संकरी हैं, इसके चलते दमकल विभाग को राहत कार्य में दिक्कतें आईं। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। यदि लोग कुछ मिनट और कमरे में रहते तो बाहर निकलना संभव नहीं होता था।" - सुशांत दुबे, नोएडा सेक्टर-67 में कॉलिंग का काम करते हैं।
आग के कारण इमारत में करीब 50 परिवारों समेत 250 से अधिक लोग रहते थे। नोएडा अग्निकांड के दौरान आग ने भूतल पर खड़े 18 से अधिक दोपहिया वाहनों के साथ लगभग 100 लोगों की जान बच ली। इमारत में घरेलू सामान, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी भी नष्ट हो गए।
नुकसान और आग के फैलने के परिणाम
नोएडा अग्निकांड के फलस्वरूप कई परिवारों और युवाओं के वर्षों के जमा धन की खोई। छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और बैंक दस्तावेज भी जल गए। आग लगने से लोगों के जीवन के बहुत सारे पहलुओं पर बर्बादी हो गई। अब उन्हें दोबारा आम जीवन वापस ले जाना कठिन बन गया है।
नोएडा अग्निकांड के दौरान बचाव अभियान में लंबी पाइप लाइन बिछाकर पानी डाला गया। इमारत में खिड़कियों या बालकनियों तक सीढ़ियां लगाकर लोगों को बाहर ले जाया गया। पड़ोसी इमारत की छत का सहारा लेकर भी आग लगे लोगों की मदद की गई।
इस घटना में नोएडा अग्निकांड के कारण अग्निशमन दल और पुलिस के बीच संयुक्त प्रयास देखे गए। आग लगने के बाद सूचना के अभाव में कई लोग चार घंटे तक बचाव में शामिल रहे। इमारत के अंदर फैली आग को आंतरिक बर्बादी का कारण बना।
नोएडा अग्निकांड की जांच में बिल्डिंग मालिक और पीजी संचालक कृष्णा कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी की गई। इसके साथ ही इमारत में लगातार चार्�