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Nihang Dispute: सुलह की राह पर कर्णप्रयाग विवाद, शांति-संवाद से समाधान पर सहमति, निहंगों की चार मांगें क्या?

Published जून 27, 2026 · Updated जून 27, 2026 · By Charles Davis

निहंग विवाद: शांति-संवाद से समाधान पर सहमति, चार मांगें रखीं

Nihang Dispute - उत्तराखंड में तनावपूर्ण माहौल में निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और आपसी समझौते के माध्यम से समाधान लाने पर सहमति जताई। बैठक के बाद अधिकारियों ने निहंगों के साथ सकारात्मक चर्चा की और उनकी सभी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके चलते अगले दो दिन तक उत्तराखंड में कोई कदम उठाया जाएगा।

वार्ता और सहमति

निहंग प्रतिनिधियों ने बताया कि कर्णप्रयाग घटना में दोनों पक्षों की गलतियां हुई हैं और मामले का आपसी समझौते के जरिये समाधान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून-व्यवस्था खराब नहीं करना चाहते, बल्कि भाईचारा और प्रेम का संदेश लेकर आए हैं।

उत्तराखंड प्रशासन के साथ वार्ता के लिए निहंगों ने अपना मांगपत्र सौंपा है। इस मांगपत्र को उचित कार्रवाई के लिए शासन को प्रेषित कर दिया गया है। फिलहाल बॉर्डर पर शांति है और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निहंगों की मांगें

निहंगों की चार मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • जेल में बंद निहंगों से मुलाकात करने की अनुमति दी जाए।
  • अस्पताल में भर्ती घायल निहंग से भी वार्ता हो।
  • निहंगों को जमानत दिलाएं और उन्हें साथ लेकर ही जाएंगे।
  • शांतिपूर्वक हेमकुंड यात्रा करने की अनुमति दी जाए।

शुक्रवार को हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, अल्मोड़ा के एसएसपी हरबंस सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी गुरुद्वारा पांवटा साहिब पहुंचे। डीएसपी पांवटा साहिब मानवेंद्र सिंह और थाना प्रभारी कुलवंत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद उत्तराखंड के अधिकारी लौट गए।

निहंग दो दिनों के भीतर आगे की रणनीति के अमल के लिए तैयार रहेंगे। यदि गिरफ्तार निहंग सिंहों की रिहाई नहीं होती या मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो उनके पक्ष से आगे बढ़ाई जाएगी।

भाषा बाधा और सांस्कृतिक समझ की उलझन

बता दें कि निहंग सिख अधिकांशतः पंजाबी भाषा में बात करते हैं, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और पुलिस अफसरों को निहंगों के साथ संवाद करने में कठिनाई हो रही थी। इस समस्या के बारे में निहंग प्रतिनिधियों ने कहा कि उनसे पंजाबी में बात करनी चाहिए।

सरकार ने विभिन्न थानों, सर्किल और जिलों में तैनात सिख अफसरों को मोर्चा संभालने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को एएसपी हरबंश सिंह और इंस्पेक्टर यादवेंद्र सिंह वाजवा को पांवटा साहिब गुरुद्वारे में निहंगों के प