NHAI: हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, 60 फीसदी शिकायतें बढ़ीं; एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत
एनएचएआई को मिली बड़ी चुनौती, हाईवे गुणवत्ता पर 60% शिकायतें बढ़ीं
Indianewslive247.com – NHAI - राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर NHAI पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में दर्ज शिकायतों में 60 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिससे NHAI को अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने की आवश्यकता है। यह वृद्धि दर्शाती है कि नागरिक अब हाईवे की गुणवत्ता को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं।
विभिन्न एक्सप्रेसवे में दर्ज समस्याएं
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के दौरान डाट काली सुरंग में धंसने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसे मामले सामने आए हैं। इनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी एक प्रमुख कारण रही। वहीं, अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे में डामर की खराब गुणवत्ता और कई स्थानों पर दरारें आने की शिकायतें मिली हैं। इसी मार्ग पर जल निकासी व्यवस्था के ठीक से न होने पर भी ध्यान दिया गया है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में उद्घाटन के तुरंत बाद ही सड़क धंसने और दरारें पड़ने के मामले दर्ज हुए हैं। भारी वाहनों के दबाव से गड्ढे बनने की भी शिकायतें सामने आई हैं। केरल और बिहार में फ्लाईओवर व पुलों के निर्माण में इसी प्रकार की तकनीकी दिक्कतें देखी गईं। NHAI को इन सभी मामलों की तुरंत जांच करनी होगी।
बड़े स्तर पर धंसने और दरारों की घटनाएं
सूत्रों के अनुसार, बरेली-सीतापुर रोड पर हाल ही में बने फ्लाईओवर और पुलों की स्वतंत्र जांच कराने की आवश्यकता है। इसी तरह, इंदौर से एदलाबाद तक बन रहे नेशनल हाईवे पर खरगोन जिले के बासवां गांव के पास खिरकिया नदी पर नवनिर्मित ब्रिज का धंसना एक बड़ा मामला रहा। इस हाईवे पर कुल 3900 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई थी।
ओडिशा में संबलपुर-कटक राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों और फ्लाईओवर के धंसने की घटना भी हाल ही में सामने आई है। मध्य प्रदेश में पेंच टाइगर रिजर्व में बना देश का पहला साउंड और लाइट प्रूफ हाईवे भी अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। राजस्थान के सांचौर में एनएच-68 पर 270 करोड़ रुपये की लागत से बना एलिवेटेड पुल में दरारों की समस्या उभरकर सामने आई है।
शिकायतों में तेज वृद्धि
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्रीय सार्वजनिक शिकायत पोर्टल पर राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी शिकायतें बढ़कर 11340 हो गईं। पिछले वर्ष 2025-26 में ये संख्या 7030 थी, जिससे स्पष्ट होता है कि गुणवत्ता को लेकर जनता की चिंता बढ़ी है। NHAI की शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।
एनएचएआई में संरचनात्मक बदलाव की जरूरत
NHAI के आंतरिक सूत्र बताते हैं कि प्राधिकरण में कुछ वरिष्ठ अधिकारी वर्षों से जमे हुए हैं। इनकी ठेकेदारों से साठगांठ गुणवत्ता मानकों को प्रभावित कर रही है। इन अधिकारियों को चिह्नित करके उन्हें हटाना होगा, तभी स्थिति में सुधार आएगा। कई बार अधिकारी जानबूझकर खराब गुणवत्ता पर भी निजी हितों को ध्यान में रखकर चुप्पी साधे रहते हैं।
केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इस संबंध में NHAI के चेयरमैन से भी राय ली गई, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने से बच लिया।
NHAI को अब तुरंत कार्रवाई करनी होगी ताकि नागरिकों का भरोसा बहाल हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: एनएचएआई पर शिकायतें कैसे दर्ज करें? उत्तर: आप केंद्रीय सार्वजनिक शिकायत पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
प्रश्न: हाईवे गुणवत्ता में 60% वृद्धि का क्या अर्थ है? उत्तर: इसका अर्थ है कि पिछले वर्ष की तुलना में शिकायतों की संख्या में 60% की वृद्धि हुई है।
प्रश्न: एनएचएआई में कौन सा बदलाव जरूरी है? उत्तर: वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति प्रणाली और ठेकेदारों के साथ साठगांठ को रोकने के लिए संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं।
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