दिल्ली-NCR में झूमकर आया सावन: पारा 5.2 से 7.1 डिग्री तक कम रहा, जानें मौसम क्यों है इतना मेहरबान, कल भी अलर्ट
दिल्ली-NCR में सावन की धुन: भारी बारिश, तापमान सामान्य से नीचे
Indianewslive247.com – दिल्ली-NCR में सावन की धुन ने रंग बिखेर दिया है। शहर में मूसलाधार बारिश ने रफ़्तार धीमी कर दी। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की गति कम हो गई। प्रीत विहार इलाके में एक विशाल बरगद का वृक्ष टूटकर गिर गया। इस घटना में तीन वाहन दब गए, लेकिन किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम पाँच बजे तीस मिनट तक सफदरजंग मानक केंद्र में 56 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लोधी रोड में सुबह ग्यारह बजे तीस मिनट तक सबसे अधिक 50.6 मिलीमीटर पानी बरसा। रिज में 36.4, फार्मा साइंस रिसर्च में 30 और छतरपुर में 27.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
11:30 से 2:30 बजे के बीच जाफरपुर में 25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी दौरान रिज में 18.0, पूसा में 12.5 और लोधी रोड में 9.8 मिलीमीटर पानी गिरा। 2:30 से 5:30 बजे तक नजफगढ़ में दो, जनकपुरी में एक और केवीके सीआरपीएफ कैंपस में 0.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
तापमान में उल्लेखनीय गिरावट
वर्षा के असर से दिल्ली-NCR में तापमान सामान्य से 5.2 से 7.1 डिग्री तक नीचे रहा। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.6 डिग्री कम है। इस स्थान पर 24 घंटे में तापमान में पाँच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है।
पालम में अधिकतम तापमान 27.3 और न्यूनतम 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। लोधी रोड में अधिकतम 27.8 और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज में अधिकतम 27.6 और न्यूनतम 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। आया नगर में अधिकतम 27.2 और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञानियों की व्याख्या
आईएमडी के वैज्ञानिक कृष्ण मिश्रा ने बताया कि दिल्ली-NCR में बारिश के पीछे कई मौसम प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय हैं। सबसे प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का दिल्ली के निकट से गुजरना है। वर्तमान में यह ट्रफ पंजाब के फिरोजपुर, हरियाणा के रोहतक और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर व कानपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
जब मानसून ट्रफ दिल्ली के पास होती है, तो बारिश की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे आसपास के क्षेत्रों में नमी वाली हवाएँ लगातार पहुँच रही हैं, जो बादलों के बनने और वर्षा में सहायक हैं।
वैज्ञानिक कृष्ण मिश्रा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है। मानसूनी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ प्रभाव से बादलों को और मजबूती मिल रही है, जिससे कई इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। हालाँकि, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना एक चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन बाकी सक्रिय मौसम प्रणालियाँ अभी भी दिल्ली-NCR में वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाए हुए हैं।
आने वाले दिनों में मौसम
मानसून ट्रफ का दिल्ली के पास होना, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ इन तीनों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-NCR में बारिश हो रही है। यही कारण है कि आने वाले एक-दो दिनों तक भी रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। खासतौर पर 7 अगस्त को दिल्ली-NCR में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 अगस्त को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज वर्षा भी हो सकती है। शाम और रात के समय भी हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में मौसम विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
8 से 12 अगस्त तक मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी और कुछ इलाकों में हल्की या बहुत हल्की बारिश हो सकती है। तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण दिल्ली-NCRवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
ड्रेनेज सिस्टम की पुरानी व्यवस्था
दिल्ली-NCRवासियों के लिए जरा सी बारिश में पानी भरने की समस्या से दो-चार होना कोई नई बात नहीं है। तेजी से हो रहे शहरीकरण में थोड़ी सी बारिश से जलभराव की परेशानी आम बात है। यहां अभी भी ड्रेनेज का प्लान 50 साल पुराना है। दिल्ली-NCR का मौजूदा ड्रेनेज प्लान 1976 में बनाया गया था। तब दिल्ली-NCR की आबादी लगभग 60 लाख थी। लेकिन, दिल्ली-NCR की आबादी दो करोड़ से ज्यादा हो चुकी है और ड्रेनेज सिस्टम वही पुराना है।
दिल्ली-NCR का ड्रेनेज मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक बेसिन पर टिका है। ये नजफगढ़, बारापुला और ट्रांस-यमुना बेसिन हैं। नजफगढ़ बेसिन दिल्ली-NCR का सबसे बड़ा बेसिन है, जो पश्चिमी और उत्तर-पश्चिम दिल्ली-NCR के पानी को संभालता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दिल्ली-NCR में आज कितनी बारिश हुई? बृहस्पतिवार को सफदरजंग में 56 मिलीमीटर, लोधी रोड में 50.6 मिलीमीटर और रिज में 36.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
तापमान सामान्य से कितना कम रहा? दिल्ली-NCR में तापमान सामान्य से 5.2 से 7.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहा।
कल मौसम कैसा रहेगा? 7 अगस्त को दिल्ली-NCR में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
बारिश के पीछे मुख्य कारण क्या है? मानसून ट्रफ का दिल्ली-NCR के निकट से गुजरना, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मुख्य कारण हैं।
ड्रेनेज सिस्टम कितना पुराना है? दिल्ली-NCR का ड्रेनेज प्लान 1976 में बनाया गया था, जो लगभग 50 साल पुराना है। तब आबादी 60 लाख थी, जो अब दो करोड़ से अधिक हो चुकी है।
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