Muzaffarnagar:129 दिन में 22 लोगों को फांसी की सजा, अब जज की सुरक्षा को खतरा, बिना अनुमति गनर हटाने का आरोप
मुजफ्फरनगर: फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने सुरक्षा खाली होने का मामला पुलिस महानिदेशक तक पहुँचाया
129 दिन, 9 बड़े केस, 22 फाँसी — और अब पीठ पर बैठे न्यायाधीश की चिंता
Indianewslive247.com – मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने हाल ही में एक ऐसी रिकॉर्ड बनाई है जो जिले के न्यायिक इतिहास में अद्वितीय है — महज 129 दिनों के अंदर नौ चर्चित मुकदमों में कुल 22 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई। इसी तेज़ी से काम करने वाले न्यायाधीश ने अब अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
पत्र में क्या लिखा गया
न्यायाधीश दिवाकर ने पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार, उदल सिंह ने जज की सुरक्षा में तैनात गनर कांस्टेबल रविंद्र सिंह ठकुरैला को बिना किसी कारण बताए और बिना न्यायाधीश की अनुमति लेकर हटा दिया।
जज ने लिखा कि आमतौर पर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस महानिरीक्षक जैसे अधिकारियों के गनर को उनकी सहमति के बिना नहीं बदला जाता, लेकिन न्यायिक अधिकारियों के मामले में इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।
गनर के जाने के बाद क्या हुआ
जज के बयान के मुताबिक, ठकुरैला को ड्यूटी से हटाए जाने के तुरंत बाद उसने भी बिना किसी सूचना दिए अपनी ज़िम्मेदारी छोड़ दी। इस घटनाक्रम ने न्यायाधीश की सुरक्षा में एक खाली पट्टी पैदा कर दी है, जिसके चलते उन्होंने इस मामले को पुलिस के सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाने का फैसला किया है।
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