Lucknow Fire: कलेजा ही चीर गया कलेजे का टुकड़ा, साथ पढ़े-खेले और साथ ही दुनिया से विदा; सूरज और संयम थे दोस्त
लखनऊ आग: दो युवाओं के अंतिम संस्कार के बाद भी दुख के आंसू नहीं बुझे
Lucknow Fire - एक भयानक आग लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी, जिसके फलस्वरूप कानपुर के दो घरों के चिराग बुझ गए। गोविंदनगर और बर्रा में रहने वाले सूरज और संयम एक-दूसरे के बेहद दोस्त थे। दोनों रतनलालनगर के दून स्कूल में एक साथ पढ़े थे और बाद में एनिमेशन स्टूडियो में नौकरी के लिए एक साथ आगे बढ़े। बेटे के अचानक लाश के आगे भावुक हो गई जब उन्हें बताया गया कि उसके छोटे भाई और बहन की जिम्मेदारी सूरज के कंधों पर थी।
मंगलवार की सुबह संयम के लाश को घर के दरवाजे पर रखा गया था। उसकी मां सोनिया ने आवाज बुझा देखकर चीख उठीं। बेटा बिना कुछ बताए चला गया। उनकी एक आवाज तड़प रही थी जो लोगों के दिल को चीर रही थी। बर्रा में सूरज के शव को सात लाया गया जब उसकी मां मीरा को बताया गया कि उसका बेटा झुलस गया है। लेकिन जब उसका लाश शाम तक निकाली गई, तो उनकी चीख रोते हुए गई।
“तूने तो कल ही कहा था कि मैं घर पहुंच गया हूं, तुम अपना ख्याल रखना। तेरे बिना अब कौन मेरा ख्याल रखेगा?”
सूरज रविवार की रात को लखनऊ के लिए निकला था, जबकि दो दिन पहले वह शादी के लिए लड़की देखने आया था। उसकी मां मीरा को शाम तक बेटे की मौत के बारे में अनजान रही। घटना के बाद उसका दूसरा मामा कृष्ण बिहारी कार से लखनऊ आ रहे थे, लेकिन उनकी कार एक दुर्घटना में नुकसान पहुंचा दिया। जब उनकी घोषणा मिली तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के दौरा छोड़कर तुरंत वापस लौट लिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से घायलों की स्थिति जानने के लिए आए।
अलीगंज के आग के बाद देर हो चुकी थी
अलीगंज के सेक्टर-डी में तीन मंजिला इमारत में लगी आग लगी जिसके कारण छात्र-छात्राओं के 15 लाश बाहर निकाले गए। वेयरहाउस में अचानक आग लगने के बाद तीन मिनट में पूरी बिल्डिंग आग बर्बाद हो गई। दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे छात्रों के बचाव के लिए पुलिस और दमकल टीम दो घंटे तक काम करती रही।
आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट और एसी कंप्रेसर के फटने की आशंका है। ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है, जबकि पहली मंजिल पर उसके मालिक के वेयरहाउस और दूसरी मंजिल पर कोचिंग व एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर व गेमिंग जोन है। अस्पताल में घायल छात्रों की हालत गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को सात लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है।