Delhi: सीलिंग, तोड़फोड़ और नोटिसों की कार्रवाई तेज, 42 संपत्तियां सील, 26 पर चला प्रशासन का बुलडोजर
दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज, 42 संपत्तियां सील, 26 पर बुलडोजर चलाया गया
Delhi - दिल्ली में अवैध निर्माण, भवन उपविधियों के उल्लंघन और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहा है। आज राजधानी के कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई, जिसमें 26 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और 42 संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शामिल रही। इस ऑपरेशन के तहत नौ संपत्तियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए, जबकि 41 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए। दिल्ली सरकार और एमसीडी के अनुसार, अनधिकृत निर्माण से संबंधित मामलों में 22 शो-कॉज नोटिस और 19 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई अवैध निर्माण बर्दाश्त न करने और सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए लगातार अपनाई जा रही रणनीति के हिस्से के रूप में देखी जा सकती है।
अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न जिलों में निरीक्षण
दिल्ली के विभिन्न जिलों में 86 स्थलों की जांच की गई, जिसमें कई होटलों, गेस्ट हाउसों, बैंक्वेट हॉलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण किए गए। इस दौरान अग्निशमन व्यवस्था, आपदा प्रबंधन योजना और फायर एनओसी के अभाव के कई मामले सामने आए। दक्षिण-पश्चिम जिले में बिना लाइसेंस लिफ्ट के उपयोग और फायर विभाग से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण नोटिस जारी किए गए। वहीं, झटीकरा गांव में अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकतर ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई हुई।
करोल बाग और पटेल नगर में गंभीर खामियां
करोल बाग क्षेत्र में अग्निशामक यंत्रों की कमी, फायर सेफ्टी संकेतकों का अभाव और कर्मचारियों के सुरक्षा प्रशिक्षण के अभाव के कई मामले सामने आए। इन खामियों के कारण संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। पटेल नगर में बैंक्वेट हॉल और कॉमर्शियल भवनों की जांच के दौरान अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन निकास योजना के अभाव के मामले सामने आए, जिसके चलते नोटिस जारी किए गए। इस ऑपरेशन के दौरान दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण आगे बरकरार रहेगा।
आजादपुर मंडी और नई दिल्ली में निर्माण अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई
आजादपुर मंडी क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए, जबकि नई दिल्ली और दिल्ली कैंट क्षेत्र में फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र, ट्रेड लाइसेंस और स्वीकृत भवन योजना के अभाव के कारण कार्रवाई शुरू की गई। एक प्रतिष्ठान को सील किया गया, जबकि दूसरे को शो-कॉज नोटिस दिया गया। इन कार्रवाई निरीक्षण के परिणाम विशेष रूप से दिल्ली के व्यावसायिक क्षेत्रों