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Dehradun: उत्तराखंड में लागू होगा केरल मॉडल, दून-दिल्ली मार्ग पर चलेंगी हाइड्रोजन बसें; इसके बाद सेवा विस्तार

Published जुलाई 13, 2026 · Updated जुलाई 13, 2026 · By Jessica Wilson

देहरादून: उत्तराखंड में हाइड्रोजन बसों का महत्वपूर्ण विकास केरल मॉडल पर आधारित होगा

Dehradun - उत्तराखंड परिवहन निगम ने अपनी योजना में गुजरात में आयोजित प्रदर्शनी में दिखाए गए हाइड्रोजन गैस आधारित टेक्नोलॉजी के अनुसरण का फैसला लिया है। इस नए परिवहन समाधान के लागू करने के लिए ढांचागत कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसमें राज्य सरकार से सहायता के लिए बजट के आकलन के लिए भी अग्रिम तैयारी की गई है। विशेष रूप से देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर हाइड्रोजन बसों के संचालन के लिए योजना तैयार कर निगम बोर्ड के समक्ष रखी जाएगी, जो राज्य के पर्यावरण सुरक्षा और यातायात के उज्जवल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

हाइड्रोजन बसों के लागू करने के लक्ष्य और तैयारी

उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा देहरादून के आसपास चले जाने वाले यातायात के लिए बसों के लिए हाइड्रोजन आधारित प्रणाली के लागू करने के फैसले के बाद अब पहले चरण में दो विकल्पों के अनुसार परीक्षण शुरू कर दिए गए हैं। गांधीनगर में आयोजित प्रदर्शनी में बस और कार ओनर एसोसिएशन के अधिकारियों ने आधुनिक टेक्नोलॉजी से संबंधित कई मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें से दो के अनुसार शीघ्र ही आधार रखा जाएगा। इस नए प्रणाली के परिचय के साथ देहरादून के नागरिकों को अधिक उज्जवल यातायात के अवसर मिलेंगे।

देहरादून-दिल्ली मार्ग पर हाइड्रोजन बसों के फायदे

देहरादून से दिल्ली तक के मार्ग पर हाइड्रोजन बसों के संचालन के लिए अब तैयारी की गई है। इस प्रणाली का उद्देश्य देहरादून तथा राज्य भर के लिए प्रदूषण रहित यातायात लाना है। इसके अलावा यात्रियों के लिए भी बिल विस्तार के कारण वाहन उपलब्धता के अधिक बारिश बरसेगी। हाइड्रोजन बसों के लागू करने के साथ देहरादून के पर्यावरण संरक्षण तथा उपलब्धता में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है।

निगम द्वारा रोडवेज बसों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इसमें बैठे कर्मचारी हर बस के चलने के लिए नजर रखेंगे। उन्हें गति और रुके रहने के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। अतिरिक्त रूप से एक्सप्रेस बसों के बारे में भी निगरानी की जाएगी जो ढाबों पर रुके रहने की अनुमति नहीं लेती हैं। इससे देहरादून एवं दिल्ली के बीच यातायात अत्यधिक आकर्षक बनेगा।

वर्तमान में रोडवेज बसों में शिकायत के लिए डिपो के एजीएम और केंद्र प्रभारी के नंबर सार्वजनिक किए जाते हैं। कई बार अवकाश या ऑफिस टाइम के दौरान अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। इस विषमता को दूर करने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिससे यात्रियों की शिकायतों का तुरंत निवारण किया जा सकेगा। इस तरह देहरादून के नागरिकों को बेहतर सेवा मिलेगी।

हाइड्रोजन बसों के आधार पर देहरादून के बस यातायात में नए सुधार की उम्मीद है। इस नई तकनीक के लागू करने से नगर के वातावरण में धूम रहित एवं आकाश खुला रहेगा। इस अत्यधिक तकनीकी बदलाव के साथ यात्रि�