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Bihar News: भरत तिवारी मुठभेड़ पर बड़ा एक्शन, डीआईजी शाहाबाद करेंगे जांच, पांच पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार पुलिस भरत तिवारी मुठभेड़ और नीट फर्जीवाड़ा पर जांच शुरू, जांच अधिकृत कर दिया गया

Bihar News – बिहार न्यायिक सुरक्षा के मामले में बड़ी कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस अब भरत तिवारी मुठभेड़ की घटना और नीट पुनर्परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले सॉल्वर गैंग के मामले पर गहरी जांच शुरू कर दी है। बिहार पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने घोषणा की कि शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को इन मामलों की जांच अधिकृत कर दिया गया है और एक न्यायिक जांच आयोग भी गठित कर दिया गया है। बिहार न्याज अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल और मई में कई जांच एवं निलंबन के निर्णय लिए गए हैं, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही के आरोप में निलंबन की घोषणा भी की गई है।

बिहार न्याज अधिकारी द्वारा जांच आयोग की घोषणा

बिहार पुलिस द्वारा भरत तिवारी मुठभेड़ के मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद अब शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को इस कार्य की अध्यक्षता करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। यह घटना बिहार न्याज के निर्देश पर हुई थी, जिसके बाद एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। आयोग के सदस्यों में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल हैं जो घटना की विज्ञान के आधार पर जांच करेंगे।

बिहार पुलिस अब भरत तिवारी मुठभेड़ में आपराधिक गतिविधियों के खुलासे के लिए निरंतर चेतवानी दे रही है।

नीट फर्जीवाड़ा और सॉल्वर गैंग की नई जांच

बिहार पुलिस ने घोषित किया कि लखीसराय में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का खुलासा किया गया है। इस मामले में पंकज त्रिपाठी के भाई के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए गए हैं, जो बिहार न्याज अधिकारियों के द्वारा निर्धारित किए गए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, बिहार न्याज के द्वारा सॉल्वर गैंग ने फर्जीवाड़ा करके अपने नाम के लिए नीट के परिणाम को बदलने का प्रयास किया था।

एडीजी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा नीट परीक्षा में अपने अधिकारों का बदुगुस्सा लेकर लापरवाही के आरोप में कई तलबा निलंबित कर दिए गए हैं। यह बिहार न्याज के द्वारा बिहार न्यायिक निर्धारित किए गए निर्णयों का एक उदाहरण है।

पुलिसकर्मियों की निलंबन और जांच के चरण

बिहार पुलिस द्वारा निलंबित किए गए पांच पुलिसकर्मियों में एक थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल शामिल हैं। एडीजी के अनुसार, भरत तिवारी मुठभेड

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