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Bihar: सम्राट सरकार धार्मिक यात्रा कराएगी, पांच केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन दी; बिहार कैबिनेट के फैसले देखें

Published जुलाई 1, 2026 · Updated जुलाई 1, 2026 · By David Miller

बिहार कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय: धार्मिक यात्रा एवं शिक्षा विकास

Bihar - बिहार विधान परिषद के शपथ ग्रहण के बाद बिहार कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कई बिहार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बिहार के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विकास और धार्मिक यात्रा के लिए बिहार सरकार ने नए विकल्प तैयार किए हैं, जो राज्य के विभिन्न शहरों में आधुनिकीकरण के लिए उपयोगी होंगे। बिहार मंत्रिपरिषद के निर्णय में 31 बस स्टैंड के समग्र विकास एवं पीपीपी मॉडल के उपयोग की स्वीकृति दी गई।

शिक्षा विकास के लिए बिहार में पांच केंद्रीय विद्यालय के स्थापना निर्णय

बिहार कैबिनेट बैठक में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए प्रत्येक केंद्रीय विद्यालय के लिए पांच एकड़ राज्य सरकारी भूमि के आवंटन के निर्णय लिए गए। इन विद्यालयों के स्थापना के तहत बिहार के विभिन्न जिलों में शिक्षा सुविधा के विस्तार के लिए विशेष ध्यान दिया गया। निर्णय के अनुसार, नए विद्यालय राजगीर, मधुबनी, शेखपुरा, पूर्णिया एवं वैशाली जिले में स्थापित किए जाएंगे।

बिहार के शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की कि नए केंद्रीय विद्यालयों के उद्घाटन से बिहार के छात्र उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं को लाभान्वित होंगे। इस निर्णय के लाभ बिहार के आर्थिक विकास एवं शिक्षा विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बिहार के वित्तीय लाभ एवं महंगाई भत्ता के निर्णय

बिहार के वेतनमान में समायोजन के लिए महंगाई भत्ता की दर बढ़ाई गई। बिहार के लिए पंचम् केन्द्रीय वेतनमान में भत्ता की दर 483% पर स्वीकृति प्रदान की गई, जो बिहार कर्मचारियों की आय में वृद्धि के लिए आवश्यक बन गई। षष्ठम् केन्द्रीय वेतनमान के लिए बिहार जिला महंगाई भत्ता की दर 262% पर तय की गई।

बिहार के लिए सप्तम् केन्द्रीय वेतन संरचना में भत्ता की दर 60% तक बढ़ाई गई, जो बिहार के लिए बजट निर्धारण के तहत अतिरिक्त लाभ प्रदान करेगी। इस वित्तीय प्रोत्साहन से बिहार के नागरिकों की खरीददारी शक्ति में वृद्धि हो सकेगी, जिससे आर्थिक गति को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) के लिए बिहार कैबिनेट ने अवधि बढ़ाकर 30 जून, 2026 तक निर्धारित कर दी। बिहार में मेगा इकाई परियोजनाओं की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक एवं 500 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

बिहार में भूमि आवंटन रियायत के निर्णय लिए गए, जिसके तहत 30, 60 एवं 90 वर्ष के लिए भूमि आवंटन की दर बिहार के लिए समायोजित की गई। इस विस्तार के लिए बिहार के लिए संभावित विनियम बनाए गए।

वैशाली जिले में 1243.45 एकड़ रैयती भूमि के अधिग्रहण के लिए बिहार सरकार के निर्णय लिए गए, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्योग मंत्रालय द्वारा बिहार के लिए निःशुल्क हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके अनुसार, प्रक्रियाधीन भूमि के लिए बिहार जिला अधिक उपलब्धि देगा।