Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव, इस्तीफे के बाद पहली मुलाकात
अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी की मुलाकात
Ayodhya - बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से तीर्थ क्षेत्र भवन में बंद कमरे में मुलाकात की। इस बीच चंपत राय के पद छोड़ने के बाद दोनों की यह पहली भेंट मानी जा रही है।
चंपत राय ने पिछले दिनों एसआईटी जांच के बाद सभी सवालों के जवाब देने की घोषणा की थी। इससे पहले, छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में उनकी शामिल नहीं होने की बात कही गई थी।
राय ने अपने पत्र में लिखा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसबीआई और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दान गणना प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर बैंक की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर संदेह व्यक्त किया है।
“6 फरवरी 2025 को जारी गणना दिशानिर्देश के संबंध में मेरी पूरी तरह से असहमति है। इस दस्तावेज पर अनिल मिश्रा और एसबीआई अयोध्या शाखा के मुख्य प्रबंधक के हस्ताक्षर हैं।”
चंपत राय ने कहा कि उन्हें इस दस्तावेज की जानकारी 13 जून को ट्रस्ट के अकाउंट कार्यालय से मिली थी। उनके अनुसार, अगस्त 2020 से इस वर्ष जून तक ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं के बीच हुए सभी महत्वपूर्ण अनुबंधों पर उनके हस्ताक्षर हैं, ऐसे में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर उनसे हस्ताक्षर न कराना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 9 फरवरी 2024 को ट्रस्ट और एसबीआई के बीच हुए एमओयू के प्रत्येक पृष्ठ पर उनके हस्ताक्षर हैं। इसमें गणना प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और लोहे की जाली वाला दरवाजा जैसे प्रावधान शामिल थे।
हालांकि, अब तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और एसआईटी की ओर से इस पत्र पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
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