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’75 लोग 75 हजार भी हो सकते हैं’: आप जंतर मंतर को बंद क्यों नहीं कर देते? दिल्ली HC ने केंद्र से पूछा सवाल

Published अगस्त 7, 2026 · Updated अगस्त 7, 2026 · By Daniel Davis - indianewslive247.com

Foto : Daniel Davis - indianewslive247.com

दिल्ली HC ने केंद्र से जंतर मंतर बंद करने का सवाल किया

याचिका और अदालत की नोटिस

Indianewslive247.com – अखिल भारतीय दलित ईसाई अधिकार संरक्षण समिति की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने गंभीरता से विचार किया। याचिका में दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने का आदेश मांगा गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने कोर्ट को बताया कि अधिकतम 75 लोग ही इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई महीने से पुलिस इस आवेदन पर कोई निर्णय नहीं ले पाई है।

न्यायमूर्ति महाजन ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा से सीधा सवाल किया। उन्होंने कहा कि शहर के बीच में इस तरह की गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। शहर को अनावश्यक रूप से क्यों बंधक बनाया जाए? यह सरकार का निर्णय है, लेकिन शहर को इस प्रकार परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

75 लोग 75 हजार भी बन सकते हैं

एएसजी शर्मा ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पहले से ही सुनवाई कर रहा है कि जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल घोषित किया जाए या नहीं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है और 15 अगस्त नजदीक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था सख्त है।

75 लोग बाद में 75 हजार भी हो सकते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता दी है। न्यायमूर्ति महाजन ने जवाब दिया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बात अलग है, लेकिन शहर को बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए। अदालत ने दिल्ली पुलिस को याचिकाकर्ता के आवेदन पर 8 अगस्त तक फैसला करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

जंतर मंतर: प्रदर्शन स्थल या नहीं?

इस मामले में कई पहलू उठाए गए हैं। एक ओर जहां नागरिकों के प्रदर्शन के अधिकार की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर शहर की आवाजाही और सुरक्षा चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल घोषित करने या न करने का निर्णय कई कारकों पर निर्भर करता है।

सुप्रीम कोर्ट की इस मामले में चल रही सुनवाई के परिणाम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों अदालतों के बीच समन्वय बनाए रखना आवश्यक है ताकि कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल क्यों घोषित किया गया था? जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल घोषित करने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शांतिपूर्ण रूप से अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करना था।

प्रश्न 2: धारा 144 का क्या महत्व है इस मामले में? धारा 144 के तहत भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 15 अगस्त के कारण सुरक्षा व्यवस्था सख्त है।

प्रश्न 3: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का क्या असर होगा? सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जंतर मंतर के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यह तय करेगा कि क्या यह स्थान प्रदर्शन के लिए उपयुक्त है।

प्रश्न 4: दिल्ली पुलिस को कब तक फैसला करना है? दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को 8 अगस्त तक याचिकाकर्ता के आवेदन पर फैसला करने का निर्देश दिया है।

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