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34 मिनट लेट ट्रेन, 60 सेकंड का ठहराव और लाश: दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर कत्ल की इनसाइट स्टोरी, उठ रहे कई सवाल

Published जून 21, 2026 · Updated जून 21, 2026 · By Daniel Davis

34 मिनट लेट ट्रेन के ठहराव में दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कत्ल की घटना

34 म नट ल ट ट र - शाहदरा रेलवे स्टेशन पर हुई घटना के बाद अब बड़े सवाल उठ रहे हैं। एक यात्री को ट्रेन के ठहराव के दौरान हमला कर दिया गया जिसके कारण उसकी लाश मिली। इस घटना में 34 मिनट लेट ट्रेन के आगंतुक यात्रियों की भीड़ को लेकर बड़ी चिंता हो रही है। बताया जाता है कि इस समय एंबुलेंस के अभाव में ई-रिक्शा के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के प्रबंधन के बारे में अब सवाल उठ रहे हैं।

ट्रेन के ठहराव और विवाद की शुरुआत

शाहदरा रेलवे स्टेशन पर घटना के समय आरपीएफ के एक जवान उपस्थित था, लेकिन वह हमलावरों को रोक नहीं पाया। रेलवे सूत्रों के अनुसार योग एक्सप्रेस सुबह 5:53 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची थी और 5:55 बजे रवाना हो गई। यह ट्रेन अपने समय के मुकाबले 34 मिनट देरी से आई थी, जिसके कारण यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। इस ठहराव के दौरान आरोपियों के बीच झगड़ा शुरू हुआ, जिसमें कहासुनी बढ़ गई और अल्पकाल में हाथापाई में बदल गई।

सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की जांच

जांच के अनुसार आरोपियों के बीच झगड़ा ट्रेन के दरवाजे पर चढ़ने-उतरने के दौरान शुरू हुआ। सामान्य तौर पर पहले उतरने वाले यात्रियों को रास्ता दिया जाता है, लेकिन इस दौरान कहासुनी बढ़ गई और अल्पकाल में हाथापाई में बदल गई। घायल पंकज धामा को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जबकि एंबुलेंस आपातकालीन रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी। इस घटना में 34 मिनट लेट ट्रेन के आगंतुक यात्रियों के बीच बड़ी गड़बड़ी देखी गई।

एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की तैयारी और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता की जांच शुरू हो गई। इसके बारे में एक तत्काल औचक विवाद हो रहा है, जिसमें रेलवे पुलिस और जीआरपी के समन्वय के अभाव को भी शामिल किया गया है।

आरोपियों और तैयारी के प्रभाव

रेलवे पुलिस और जीआरपी के समन्वय से मुजफ्फरनगर स्टेशन पर आठ युवकों को ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया गया। सभी आरोपी छात्र बताए गए हैं, जो रेलवे स्टेशन के ठहराव के दौरान एक दूसरे पर हमला कर रहे थे। इस घटना में 34 मिनट लेट ट्रेन के आगंतुक यात्रियों के बीच बड़ी गड़बड़ी देखी गई।

एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के अभाव के कारण इस घटना के बाद बड़ी समस्या हो रही है। रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच के दौरान इस