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हाई अलर्ट: उत्तराखंड में 85 मार्ग बंद, मलबे में दबी कार, खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा-मंदाकिनी

Published अगस्त 6, 2026 · Updated अगस्त 6, 2026 · By Jessica Wilson - indianewslive247.com

Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com

उत्तराखंड हाई अलर्ट: 85 मार्ग बंद, नदियां खतरे के निशान से ऊपर

अलकनंदा-मंदाकिनी में बढ़ा जलस्तर

Indianewslive247.com – ह ई अलर ट - हाई अलर्ट की स्थिति में रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से लगातार बरसती बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज हुआ, जबकि खतरे का निशान 627.00 मीटर है। मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जिसका खतरे का निशान 626.00 मीटर है।

पिछले 24 घंटों में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद नगर पालिका और नगर पंचायतों ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को नदी तटों से दूर रहने की अपील की है।

विजयनगर-तैला मार्ग फिर से बंद

अगस्त्यमुनि क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच बृहस्पतिवार सुबह विजयनगर-तैला मोटर मार्ग एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। यह मार्ग 80 से अधिक गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग है। मानसून के दौरान इस मार्ग का शुरुआती हिस्सा लगातार भूस्खलन और भूधंसाव से प्रभावित हो रहा है, जिससे सड़क बार-बार बंद हो रही है।

यमुनोत्री हाईवे पर कांवड़ यात्रियों की मुसीबत

बड़कोट क्षेत्र में यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के समीप बुधवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। यमुनोत्री धाम से लौट रहे उत्तर प्रदेश के दो कांवड़ यात्री अचानक पहाड़ी से गिरे चट्टानी मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। जान बचाने के लिए दोनों यात्रियों को अपनी बाइक मौके पर छोड़कर भागना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ देर तक भूस्खलन जारी रहने के बाद स्थिति सामान्य हुई जिसके बाद सिलाई बैंड से यमुनोत्री की ओर फंसे लोग सावधानी के साथ बड़कोट की ओर रवाना हुए। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार ने बताया कि सिलाई बैंड सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर लाइट की व्यवस्था करनी चाहिए। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि संभवतः जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच संवेदनशील प्वाइंटों पर लाइटों को लेकर बातचीत चल रही है।

घुत्तू में भूस्खलन से मुख्य बाजार में तबाही

भिलंगना के घुत्तू क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बुधवार देर रात हुई भारी बारिश के चलते मुख्य बाजार घुत्तू में भीषण लैंडस्लाइड हो गया, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भूस्खलन के कारण कई आवासीय भवनों पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि एक वाहन मलबे में दब गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा मुख्य बाजार की ओर आ गया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई मकानों के आसपास मलबा जमा होने से भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

सुबह सुबह घुत्तू में एक बड़ा हादसा होने से टला है, भिलंग क्षेत्र के मुख्य बाजार घुत्तू में घरों को ऊपर मलबा आ गया जिससे काफी आवासित भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि बाजार में भी पत्थर आए हैं।

स्थानीय निवासी भजन रावत व रवि कंडारी ने तहसील प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। एसडीएम मंजू राजपूत ने कहा कि घुत्तू में भूस्खलन की सूचना मिली है जिसमे एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था व कुछ घरों के ऊपर मलवा व पत्थर आने की भी सूचना प्राप्त हुई है, राजस्व टीम को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, राजस्व विभाग और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मलबा हटाने की कार्रवाई जारी है तथा खतरे की जद में आए मकानों का आकलन किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। मौसम विभाग द्वारा लगातार भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों ने भी प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करने का भरोसा जताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

उत्तराखंड में हाई अलर्ट की स्थिति कब तक रहेगी?

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार हाई अलर्ट की स्थिति अगले 48 घंटों तक बनी रहने की संभावना है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की निगरानी कर रहा है।

कौन से मार्ग बंद हैं?

हाल की बारिश के कारण उत्तराखंड में 85 मार्ग बंद कर दिए गए हैं। इनमें विजयनगर-तैला मार्ग और यमुनोत्री हाईवे के कुछ हिस्से शामिल हैं।

नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से कितना ऊपर है?

अलकनंदा का जलस्तर 0.80 मीटर और मंदाकिनी का जलस्तर 0.60 मीटर खतरे के निशान से ऊपर है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य कैसे चल रहा है?

प्रशासनिक टीमें मौके पर हैं और मलबा हटाने की कार्रवाई जारी है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।

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