वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश वाजपेयी नहीं रहे: देहरादून अमर उजाला संपादक को पितृशोक, सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि
वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश वाजपेयी का निधन: देहरादून के अमर उजाला संपादक के पिता की शोक सभा में सीएम धामी ने श्रद्धांजलि दी
वर ष ठ र गकर म प - अमर उजाला के देहरादून अनूप वाजपेयी के पिता, वरिष्ठ रंगकर्मी एवं अभिनेता प्रकाश वाजपेयी का निधन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया।
प्रकाश वाजपेयी ने बचपन से ही रंगमंच के क्षेत्र में अपनी भागीदारी शुरू कर दी थी। उन्होंने नौवीं कक्षा से लेकर एक लंबी अंतराल के बाद आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार के रूप में अपना रास्ता चुन लिया। कॉलेज के दौरान उन्होंने नाटकों में भाग लेना शुरू कर दिया और अपना थिएटर समूह "नाट्य भारती" की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने कई नाटकों का विशिष्ट रूप से आयोजन किया।
उनके अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाने के लिए उन्होंने 45 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाई। इनमें अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म "गुलाबो सिताबो" और पंकज त्रिपाठी के साथ "कागज" शामिल हैं, जिनकी भूमिकाएं दर्शकों द्वारा काफी सराही गईं।
बाद में उन्होंने अजय देवगन अभिनीत फिल्मों में भी अपनी कलात्मक देवता दिखाई। उनके द्वारा कई फिल्मों में प्रदर्शित अभिनय के द्वारा अपनी श्रेष्ठता को दर्शाया गया। इनमें से अधिकांश शूटिंग लखनऊ में हुई थी, जबकि कुछ फिल्में विभिन्न कारणों से रिलीज नहीं हो सकीं।
सीवी फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहने के बावजूद उन्होंने कला के क्षेत्र में अपना समर्पण कभी नहीं छोड़ा। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अभिनय के लिए अपना समर्पण एक लंबे समय तक बनाए रखा। उनकी पहली फिल्म "बाबर" थी, जिसमें उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण किरदार निभाया था।
उनके द्वारा अभिनय करे गए अन्य फिल्मों में "शोरगुल", "लखनऊ टाइम्स", "आई एम नॉट देवदास", "लफ्ज", "प्रणाम", "बीवी डॉट कॉम", "जॉली एलएलबी-2", "वन टू का फोर" और "बारात कंपनी" शामिल हैं।